बिजली संकट गहराया.. सिंचाई के बिना सूखने लगीं फसलें तो किसानों का प्रदर्शन, सीएम योगी सख्त

Power Cut Issue In Uttar Pradesh: बिजली आपूर्ति बाधित होने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया और शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. सीएम योगी ने गांवों में हर हाल में बिजली देने के निर्देश दिए हैं.

नोएडा | Updated On: 24 May, 2026 | 05:23 PM

उत्तर प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों और किसानों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया. राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में सिसौना बिजली घर पर सैकड़ों की संख्या में जुटे किसानों और ग्रामीणों ने घेराव किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. पदाधिकारियों ने बिजली संकट दूर करने और तुरंत बिजली आपूर्ति शुरू करने का भरोसा दिया. वहीं, किसान संगठन ने राहत नहीं मिलने पर 26 मई को राज्य स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव और शहर दोनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं. लखनऊ में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक कर मुख्यमंत्री ने सही बिल देने और शिकायत पर तुरंत ट्रांसफार्मर्स और फीडर सुधारने के निर्देश दिए हैं.

बिजली नहीं मिलने से फसलों की सिंचाई बाधित

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में पश्चिमी यूपी के बिजनौर के सिसौना बिजली घर पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों ने कहा कि जायद सीजन की फसलों में सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत है, लेकिन बिजली काट दी गई है. किसानों ने कहा कि भिंडी, गन्ना, हरी सब्जियों की खेती बिना पानी के सूख रही है. कई दिनों से इलाके की बिजली बाधित है जिससे भीषण गर्मी में आम जनता भी परेशान है.

बिजली बहाल नहीं हुई तो 26 को राज्यस्तरीय प्रदर्शन का ऐलान

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा ने बताया कि इलाके में कई दिनों से जारी बिजली संकट को लेकर आज सिसौना बिजली घर पर धरना प्रस्तावित था. उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष ओर अन्य पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की और बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है. विभागीय अधिकारियों ने बिजली बहाल होने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि अगर स्थिति ठीक नहीं हुई तो 26 मई को राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा.

सिसौना बिजलीघर पर अधिकारियों से बात करते किसान संगठन के कार्यकर्ता.

यूपी में बिजली संकट पर सीएम योगी ने अफसरों की लगाई क्लास

उधर, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने कई जिलों में अघोषित बिजली कटौती की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के गांव और शहर दोनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण समय में जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो. उन्होंने ऊर्जा विभाग को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए. कहा कि अगर बिजली सप्लाई बाधित होती है तो आम लोगों को समय पर और सही जानकारी दी जाए. सिर्फ शिकायत दर्ज करना काफी नहीं है, उपभोक्ताओं को यह भी बताया जाए कि समस्या कब तक ठीक होगी. इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा.

किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल देना बेहद जरूरी है. बिलिंग और वसूली व्यवस्था को और बेहतर किया जाना चाहिए. गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा को कम से कम रखने का प्रयास किया जाए. ट्रांसमिशन नेटवर्क की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. प्रदेश में बिजली सप्लाई की व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह और उपभोक्ता केंद्रित बनाया जाए. ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने और शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

किसानों की सिंचाई बाधित न होने पाए

सीएम योगी ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि आमजन के जीवन, किसानों की सिंचाई, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास से जुड़ा विषय है. उन्होंने कहा कि फसलों की सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति जारी रखी जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखा जाए. जहां अंडरग्राउंड केबल हैं, वहां खुदाई से पहले संबंधित अधिकारी से इजाजत ली जाए. हेल्पलाइन कॉल सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करें. फील्ड अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए.

Published: 24 May, 2026 | 05:21 PM

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