सूरजमुखी किसानों को राहत, कमीशन विवाद पर हाईकोर्ट का दखल.. सरकार को सख्ती करने के निर्देश

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में सूरजमुखी खरीद विवाद पर राज्य सरकार को तुरंत समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं. आढ़तियों और सरकार के बीच कमीशन दर विवाद के कारण खरीद प्रभावित है. किसानों की फसल मंडियों में पड़ी है और नुकसान का खतरा है. कोर्ट ने सौहार्दपूर्ण समाधान और जल्द कार्रवाई को कहा है.

नोएडा | Updated On: 8 Jun, 2026 | 12:06 PM

Sunflower Procurement: सूरजमुखी की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में आढ़तियों द्वारा सूरजमुखी की खरीद नहीं किए जाने के मामले पर राज्य सरकार को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने कहा है कि किसानों और संबंधित पक्षों के बीच चल रहे विवाद का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान किया जाए. यह आदेश न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ और न्यायमूर्ति रमेश चंद्र डिमरी की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान दिया. यह याचिका किसान राकेश कुमार और अन्य किसानों ने अपने वकील के माध्यम से दायर की थी.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक,  याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि सभी किसानों की सूरजमुखी फसल की खरीद तुरंत की जाए. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए लाइसेंस प्राप्त आढ़तियों के माध्यम से किसानों की पूरी उपज खरीदी  जानी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो और उन्हें घोषित एमएसपी का लाभ मिल सके.

एमएसपी का 2.5 प्रतिशत कमीशन देने की मांग

सुनवाई के दौरान किसानों की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने 26 मई 2026 को जारी पत्र में सूरजमुखी खरीद के लिए आढ़तियों को वर्ष 2026-27 के दौरान एमएसपी का 1 प्रतिशत कमीशन देने का प्रावधान किया है. हालांकि, शाहबाद मारकंडा की कच्चा आढ़ती एसोसिएशन इस दर से सहमत नहीं है. एसोसिएशन की मांग है कि उन्हें एमएसपी का 2.5 प्रतिशत कमीशन दिया जाए. इसी विवाद के कारण सूरजमुखी खरीद प्रभावित हो रही है.

सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा

याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि इस स्थिति का सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है. फसल की खरीद में देरी होने से किसानों को आर्थिक हानि हो रही है, इसलिए सरकार को जल्द हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान करना चाहिए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के वरिष्ठ उप महाधिवक्ता (डीएजी) को आवश्यक निर्देश और जानकारी प्राप्त करने के लिए समय दिया. अदालत ने मामले के अन्य पक्षों को भी नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 जून 2026 तय की है.

हाईकोर्ट ने अंतरिम तौर पर दिए ये निर्देश

हाईकोर्ट ने अंतरिम तौर पर निर्देश दिया है कि संबंधित पक्ष सूरजमुखी खरीद  को लेकर चल रहे विवाद का आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए जरूरी कदम उठाएं. याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि किसानों की सूरजमुखी फसल मंडियों में खुले में पड़ी है और आढ़तियों द्वारा खरीद नहीं किए जाने के कारण उसका उठान नहीं हो पा रहा है. किसानों को चिंता है कि बारिश या खराब मौसम के कारण उनकी उपज खराब हो सकती है.

किसानों को हो रहा आर्थिक नुकसान

कई प्रभावित किसानों, जिनमें याचिकाकर्ता भी शामिल हैं, ने कुरुक्षेत्र जिला शिकायत समिति समेत संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी. किसानों ने अधिकारियों को बताया था कि मौसम खराब होने की स्थिति में फसल को भारी नुकसान  हो सकता है. इसके बावजूद अब तक न तो सूरजमुखी की खरीद शुरू हो सकी है और न ही खरीद प्रक्रिया में बाधा डालने वाले आढ़तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है. किसानों का कहना है कि खरीद में लगातार हो रही देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

Published: 8 Jun, 2026 | 11:42 AM

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