भीषण गर्मी से खराब हो गए 125 क्विंटल प्याज, किसानों को लाखों रुपये का नुकसान.. अब मदद की आस

नासिक में भीषण गर्मी से भंडारित प्याज खराब होने पर किसानों को भारी नुकसान हुआ है. येवला और आसपास के गांवों में किसानों ने फसल सड़ने के बाद सड़क जाम कर विरोध किया. किसानों ने उचित दाम, मुआवजा और सरकारी खरीद बढ़ाने की मांग की है. स्थिति से हजारों परिवारों की आर्थिक हालत प्रभावित हुई है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 4 Jun, 2026 | 11:20 AM

Onion Farmers: महाराष्ट्र के प्याज किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है. रेट में गिरावट से घाटे  में चल रहे किसानों को अब उपज नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. कहा जा रहा है कि नासिक जिले में भीषण गर्मी के कारण भंडारित 125 क्विंटल प्याज की मात्रा खराब हो गई है. इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. पहले से ही कम बाजार कीमतों से परेशान किसान अब मौसम की मार से और ज्यादा संकट में आ गए हैं. दरअसल, कई किसानों ने बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में प्याज को रोककर रखा था, लेकिन अब हजारों क्विंटल प्याज गोदामों में सड़ने लगा है. लगातार बढ़ते नुकसान के चलते किसानों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने सरकार से राहत और मुआवजे की मांग की है.

मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक, नासिक जिले के येवला तालुका और आसपास के कई गांवों में किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. जिन किसानों ने बेहतर कीमत की उम्मीद में प्याज को स्टोर करके रखा था, अब उन्हें खराब हो चुके प्याज को फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. येवला के परेगांव गांव में खिल्लारे परिवार भी इस नुकसान से प्रभावित हुआ है. शरद रामभाऊ खिल्लारे, योगिता शरद खिल्लारे और बाबासाहेब रामभाऊ खिल्लारे ने मिलकर तीन एकड़ जमीन में प्याज की खेती  की थी, जिसमें प्रति एकड़ लगभग 50,000 रुपये का खर्च आया था.

प्याज को स्टोर करने का फैसला किया

इस क्षेत्र के कई किसानों की तरह खिल्लारे परिवार ने भी कटाई के बाद प्याज को तुरंत बेचने के बजाय स्टोर करने का फैसला किया था, क्योंकि बाजार में कीमतें काफी गिर गई थीं. शरद खिल्लारे ने कहा कि उन्होंने उम्मीद में प्याज रखा था कि बाद में दाम बढ़ेंगे और लागत निकल आएगी, लेकिन उल्टा फसल सड़ने लगी. उन्होंने कहा कि महीनों की मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो गई. खिल्लारे परिवार द्वारा स्टोर किए गए लगभग 5 ट्रैक्टर-लोड प्याज, यानी करीब 125 क्विंटल फसल, अब पूरी तरह खराब हो चुके हैं और बिक्री के लायक नहीं बचे हैं.

योगिता खिल्लारे ने कहा कि हर प्याज के पीछे पूरे परिवार की मेहनत छिपी होती है. उन्होंने कहा कि पूरे सीजन में पैसे, समय और मेहनत लगाई गई थी, लेकिन अब अपनी ही फसल को फेंकते देखना बहुत दुखद है. वहीं बाबासाहेब खिल्लारे ने कहा कि किसान दोनों तरफ से फंस जाता है. जब कीमतें गिरती हैं तो बेच नहीं पाते और जब बेहतर दाम की उम्मीद में रोककर रखते हैं तो फसल खराब  हो जाती है. दोनों ही हालात में नुकसान सिर्फ किसान का ही होता है.

प्याज की खेती में प्रति एकड़ लागत

किसानों के अनुसार, प्याज की खेती पर प्रति एकड़ लगभग 50,000 से 55,000 रुपये तक का खर्च आता है, जबकि बाजार में प्याज के दाम केवल 200 से 900 रुपये प्रति क्विंटल तक ही मिल रहे हैं. ऐसे में किसानों के लिए अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. लगातार हो रहे नुकसान से किसानों में गहरा आक्रोश है और इसी कारण क्षेत्र में नए विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. मंगलवार को किसानों ने पुणे-नासिक हाईवे (अंबेगांव) पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और सरकार से उचित दाम, खराब फसल का मुआवजा और तुरंत हस्तक्षेप की मांग की.

 

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 4 Jun, 2026 | 11:16 AM

लेटेस्ट न्यूज़