हमारे किसान तूफान का सामना करने जा रहे हैं.. अमेरिकी समझौते पर भड़के राहुल गांधी, कहा- सरकार ने सरेंडर किया

Rahul Gandhi on India Trade Deal : राहुल गांधी ने लोकसभा में अमेरिका के साथ ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे किसानों को अमेरिकी फर्म्स के सामने कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि हमारे कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया, सरकार ने किसानों के लिए नहीं सोचा.

नोएडा | Updated On: 11 Feb, 2026 | 04:06 PM

Rahul Gandhi Loaksabha Speech: भारत-अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की है. लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारे किसान अमेरिकी मैकेनाइज्ड खेती के सामने तूफान का सामना करने जा रहे हैं. सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है और ऐसा करने में सरकार को शर्म नहीं आती है. वहीं, राहुल गांधी की स्पीच पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति की. इसके साथ ही भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि गलत बयानी करना इनकी आदत बन गया है.

अमेरिकी मैकेनाइज्ड खेती का हमारे किसान सामना करने जा रहे हैं – राहुल

राहुल गांधी ने लोकसभा में बुधवार को अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि आपने इंडिया बेच दिया. उन्होंने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है और ऐसा करने में सरकार को शर्म नहीं आती है. राहुल गांधी ने कहा कि हमारे किसान अमेरिकी मैकेनाइज्ड खेती के सामने तूफान का सामना करने जा रहा है.

हमारे कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोला गया, किसानों का नहीं सोचा गया

राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अमेरिका हमारे फैसले कैसे ले रहा है. हमारे कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया. सरकार ने किसानों के लिए नहीं सोचा. विपक्ष के नेता ने समझौते पर कहा कि हमारे किसानों को अमेरिकी फर्म्स के सामने कर दिया गया है. विपक्ष के नेता ने कहा कि अमेरिका का टैरिफ तीन परसेंट से बढ़कर 18 परसेंट हो गया. राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री, पीएम मोदी समेत इस डील पर ऐसे साइन नहीं करता.

अमेरिकी ट्रेड डील पर क्यों मचा है बवाल

भारत अमेरिका ट्रेड डील किए जाने की जानकारी बीते 6 फरवरी को जारी की गई थी, जिसमें सेब, लाल ज्वार, सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs), ड्राई फ्रूट, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स के लिए भारतीय बाजार खोले जाने का दावा किया गया था. जिसके बाद से भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होने की आंशका जताई जा रही है और विपक्ष ने विरोध किया है. जबकि, किसान संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. हालांकि, सरकार की ओर से केंद्रीय वाणिज्य और केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि अमेरिका के साथ समझौते से भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा.

Published: 11 Feb, 2026 | 03:50 PM

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