गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी बने किसान और 400 लखपति दीदियां, देखिए किसानों की लिस्ट

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में पंचायती राज मंत्रालय की झांकी में उभरते ग्रामीण भारत का नजारा दिखाया गया है. झांकी में पीएम स्वनिधि योजना के जरिए समृद्ध होते छोटे कामगारों को दिखाया जा रहा है. वहीं, परेड का साक्षी बनने के लिए देशभर के चुनिंदा किसानों और लखपति दीदियों को बुलाया गया है.

नई दिल्ली | Updated On: 26 Jan, 2026 | 10:48 AM

Republic Day 2026 Farmers Witnessed Event Delhi: आज देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. दिल्ली कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड का साक्षी बनने के लिए देशभर के 10 हजार लोगों को आमंत्रित किया गया है. इनमें प्रगतिशील किसानों को भी बुलाया गया है. प्राकृतिक और जैविक खेती कर रहे किसान भी कर्तव्य पथ पर परेड का रोमांचक नजारे के गवाह बन रहे हैं. जबकि, लखपति दीदियों, पशुपालकों और एफपीओ से जुड़े किसानों के साथ ही पीएम फसल बीमा योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ लेने वाले ग्रामीणों भी दिल्ली में राष्ट्रीय पर्व के साक्षी बन रहे हैं. इनमें यूपी के इटावा, हरियाणा के जींद, रोहतक, रेवाड़ी, राजस्थान के सीकर, छत्तीसगढ़ के जशपुर समेत अन्य राज्यों के किसानों को बुलावा भेजा गया है. इसके अलावा देशभर की 400 लखपति दीदियों भी मौजूद हैं. जबकि, पंचायती राज मंत्रालय की झांकी में उभरते ग्रामीण भारत का नजारा दिखाया गया है.

कृषि क्षेत्र के दिग्गज बने गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की गई सूचना में बताया गया है विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77 वीं गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी बन रहे हैं. प्राकृतिक खेती करने वाले कुछ चुनिंदा किसानों को न्योता भेजा गया है. इसके अलावा दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत दलहन, तिलहन और मक्का की खेती के लिए सब्सिडी प्राप्त करने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसानों को बुलाया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत महिला उत्पादक समूहों को जिन्हें दुग्ध उत्पादन या जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण, ऋण और बाजार संपर्क सुविधा दी गई है. पशुपालन अवसंरचना विकास कोष से ऋण प्राप्त करने वाले पशुपालकों, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े किसानों को बुलाया गया है. इसके साथ ही कृषि बाजार अवसंरचना कोष से किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को लाभार्थियों के साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वे किसान भी बुलाए गए हैं जिन्हें प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों के कारण फसल के नुकसान से वित्तीय सुरक्षा दी गई है.

हरियाणा के यशपाल, सुभाष, मनजीत समेत कई किसानों को बुलाया गया

हरियाणा के कई प्रगतिशील किसानों को गणतंत्र दिवस समारोह का साक्षी बनने के लिए बुलावा पत्र भेजा गया है. इनमें रेवाड़ी जिले के कनवाली गांव के प्राकृतिक खेती (natural farming) के लिए प्रसिद्ध किसान यशपाल खोला (Yashpal Khola) को बुलाया गया है. जिला जींद के गांव अहिरका में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान व प्रशिक्षक डॉ. सुभाष चंद्र व उनकी पत्नी सुमित्रा रानी, ढाटरथ गांव के किसान ईश्वर अत्री व उनकी पत्नी अंग्रेजो देवी, खरकरामजी गांव के प्रगतिशील किसान मनजीत सिंह व उनकी पत्नी अनिता रानी, रिटोली गांव के किसान बलिंद्र लोहान व उनकी पत्नी मुकेश देवी, बीबीपुर गांव के किसान राजबीर साहू व उनकी पत्नी पिंकी को विशेष निमंत्रण मिला है.

राजस्थान के सीकर जिले की किसान संतोष देवी.

प्रगतिशील किसान राष्ट्रपति भवन और कृषि मंत्रालय की मेजबानी में करेंगे भोज

इसके अलावा रोहतक जिले के चिड़ी गांव से किसान बंसीलाल व पत्नी मुकेश देवी को आमंत्रण भेजा गया है. वहीं, नांदल गांव से किसान जयप्रकाश व पत्नी कृष्णा देवी, सोनीपत जिले के शहजादपुर गांव से किसान कपिल देव व पत्नी रीना देवी, कैथल जिले के बाता गांव से किसान जॉनी राणा व पत्नी पूजा देवी और यमुनानगर जिले से किसान विजय कुमार व पत्नी निरूपा देवी को भी बुलाया गया है. इनमें कुछ किसान राष्ट्रपति भवन की ओर से दोपहर का भोजन करेंगे तो कुछ कृषि मंत्रालय की ओर से दिए जाने वाले भोज में भी शामिल होंगे.

महाराष्ट्र के जालना के प्रगतिशील किसान बलिराम लहाने.

यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के किसानों को बुलाया गया

Published: 26 Jan, 2026 | 10:21 AM

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