कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर ‘अपनापन’ नाम की लिखी है किताब

Shivraj Singh Chouhan: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और कार्यशैली पर आधारित एक किताब ‘अपनापन’ लिखी है. इसमें उन्होंने मोदी के साथ अपने 33 साल के अनुभव साझा किए हैं. शिवराज सिंह का कहना है कि मोदी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक मेहनती और समर्पित इंसान हैं, जो दिन-रात देश के काम में लगे रहते हैं.

नोएडा | Updated On: 14 May, 2026 | 03:05 PM

Shivraj Singh Chouhan Apnapan Book: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, काम करने के तरीके और व्यक्तित्व पर ‘अपनापन’ नाम की एक नई किताब लिखी है. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी. उन्होंने बताया कि इस किताब का विमोचन 26 मई को दिल्ली में होगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह किताब सिर्फ राजनीति से जुड़ी बातों का संग्रह नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए गए 33 सालों के अनुभवों, यादों और भावनात्मक जुड़ाव को आसान शब्दों में बताने की कोशिश है.

“नेता ही नहीं, एक कर्मयोगी को करीब से देखा”

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पोस्ट में लिखा कि दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक मजबूत नेता के रूप में जानती है, लेकिन उन्होंने उन्हें एक साधना करने वाले, कर्मयोगी और बेहद खास इंसान के रूप में बहुत करीब से देखा है. उन्होंने कहा कि मंच पर दिखने वाली उनकी ऊर्जा और आत्मविश्वास के पीछे कई वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण है. शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, मोदी देर रात तक लगातार काम करने के बाद भी अगली सुबह उसी जोश और उत्साह के साथ देश सेवा में जुट जाते हैं.

गरीबों और किसानों के प्रति संवेदनशीलता का जिक्र

किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस मानवीय और संवेदनशील पक्ष का भी जिक्र किया गया है, जो सीधे आम लोगों से जुड़ा हुआ है. शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि मोदी का दिल गरीबों, किसानों, महिलाओं, बेटियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए समान रूप से धड़कता है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली सिर्फ सरकारी फैसलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें समाज के हर वर्ग के प्रति संवेदनशीलता और लोगों की चिंता भी साफ दिखाई देती है.

1991 की एकता यात्रा का अनुभव भी शामिल

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी किताब में साल 1991 की एकता यात्रा का भी जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि उस समय कई लोग इसे सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा मान रहे थे, लेकिन पीएम मोदी ने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ दिया था.

शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, पीएम मोदी की सोच थी कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक तक ही न पहुंचे, बल्कि देश के हर युवा के दिल में राष्ट्रभक्ति की भावना भी जगाए. उन्होंने कहा कि इसी यात्रा के दौरान उन्हें पहली बार महसूस हुआ कि असली नेतृत्व सिर्फ भाषण देने से नहीं, बल्कि समर्पण, अनुशासन और लोगों से अपनेपन के व्यवहार से बनता है.

युवाओं और समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश

शिवराज सिंह चौहान का मानना है कि ‘अपनापन’ केवल एक राजनीतिक किताब नहीं है, बल्कि यह युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का सोर्स बन सकती है.

उन्होंने कहा कि इस किताब में ऐसी सोच और अनुभवों को साझा किया गया है, जो यह बताते हैं कि बड़े बदलाव केवल पद या शक्ति से नहीं, बल्कि मजबूत संकल्प और सामूहिक प्रयास से संभव होते हैं.

किताब के जरिए क्या संदेश देना चाहते हैं शिवराज?

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर इस किताब को पढ़ने के बाद लोगों को यह समझ आए कि देश बदलने के लिए बड़े पद की नहीं, बल्कि बड़े इरादों और समर्पण की जरूरत होती है, तो वे अपने प्रयास को सफल मानेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘अपनापन’ पाठकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के उस पहलू से भी परिचित कराएगी, जिसे आम तौर पर लोग करीब से नहीं देख पाते.

Published: 14 May, 2026 | 03:05 PM

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