MSP, डीजल और खाद संकट को लेकर गरमाई किसान राजनीति, 27 मई से देशभर में आंदोलन

SKM protest: किसान संगठन केंद्र सरकार की नई MSP नीति, बढ़ती ईंधन कीमतों और खाद संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. इस आंदोलन के तहत किसानों से सरकार के हालिया न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आदेश और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की रिपोर्ट की प्रतियां जलाने की अपील की गई है.

नई दिल्ली | Updated On: 23 May, 2026 | 11:18 AM

SKM protest: देश में एक बार फिर किसानों का बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा है. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 27 मई से राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है. किसान संगठन केंद्र सरकार की नई MSP नीति, बढ़ती ईंधन कीमतों और खाद संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. इस आंदोलन के तहत किसानों से सरकार के हालिया न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आदेश और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की रिपोर्ट की प्रतियां जलाने की अपील की गई है.

किसान संगठनों का कहना है कि सरकार की मौजूदा MSP व्यवस्था किसानों के हित में नहीं है. उनका आरोप है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन MSP में उतनी बढ़ोतरी नहीं हो रही जिससे किसानों को फायदा मिल सके.

MSP नीति को लेकर किसानों में नाराजगी

बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार पर “भ्रामक MSP व्यवस्था” लागू करने का आरोप लगाया है. किसान नेताओं का कहना है कि सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए जो MSP घोषित किया है, वह किसानों की बढ़ती लागत के मुकाबले बेहद कम है.

CACP, जो कृषि मंत्रालय के तहत काम करने वाली विशेषज्ञ संस्था है, हर साल खरीफ और रबी फसलों के लिए MSP की सिफारिश करती है. लेकिन किसान संगठनों का दावा है कि आयोग की सिफारिशों में किसानों की वास्तविक लागत और मुनाफे को सही तरीके से शामिल नहीं किया जा रहा. किसानों का कहना है कि डीजल, खाद, बीज और मजदूरी के खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में MSP बढ़ने के बावजूद किसानों की आमदनी में खास सुधार नहीं हो पा रहा.

बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई परेशानी

इस समय देशभर में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. डीजल महंगा होने से खेती और ट्रांसपोर्ट दोनों का खर्च बढ़ गया है. ट्रैक्टर चलाने से लेकर फसल बाजार तक पहुंचाने तक हर काम महंगा पड़ रहा है.

किसान संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे खेती की लागत और बढ़ गई है. इसका सीधा असर छोटे और मध्यम किसानों पर पड़ रहा है.

खाद की कमी और कालाबाजारी पर भी गुस्सा

SKM ने खाद संकट को लेकर भी सरकार को घेरा है. किसानों का आरोप है कि कई राज्यों में खाद की उपलब्धता कम हो रही है और कालाबाजारी बढ़ती जा रही है. किसान समय पर खाद नहीं मिलने से परेशान हैं. संगठन का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से काम नहीं कर रही, जबकि खरीफ सीजन शुरू होने वाला है. कई जगह किसानों को ज्यादा कीमत देकर खाद खरीदनी पड़ रही है.

2021-22 आंदोलन की याद फिर ताजा

संयुक्त किसान मोर्चा वही संगठन है जिसने 2021-22 में दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय तक बड़ा किसान आंदोलन चलाया था. उस आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े थे. अब एक बार फिर SKM ने सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने का फैसला किया है.

किसान नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने MSP, खाद और ईंधन कीमतों के मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. 27 मई से शुरू होने वाले विरोध प्रदर्शन में देशभर के किसान संगठन और खेत मजदूर यूनियन शामिल होंगी.

वहीं किसान संगठन चाहते हैं कि MSP को कानूनी गारंटी मिले ताकि किसानों को उनकी फसल का तय दाम मिल सके. इसके अलावा डीजल और खाद की कीमतों में राहत देने की भी मांग की जा रही है.

Published: 23 May, 2026 | 11:01 AM

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