योगी सरकार का बड़ा ऐलान! 2400 रुपये MSP पर होगी मक्का की खरीद, 15 जून से खुलेंगे खरीद केंद्र
UP Maize Procurement Policy: उत्तर प्रदेश सरकार ने मक्का किसानों को राहत देते हुए 2025-26 मार्केटिंग सीजन के लिए मक्का खरीद नीति को मंजूरी दे दी है. सरकार 2400 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर मक्का खरीदेगी. खरीद प्रक्रिया 15 जून से 31 जुलाई 2026 तक चलेगी और 25 जिलों में 150 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे.
UP Maize MSP 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए मक्का खरीद नीति को मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले के तहत सरकार किसानों से मक्का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदेगी. इस साल मक्का का MSP 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. सरकार का कहना है कि, इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलेगा, बाजार में कीमतों की अनिश्चितता कम होगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
MSP पर खरीदी जाएगी मक्का
योगी सरकार ने इस साल मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले सीजन की तुलना में 175 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है. अक्सर फसल कटाई के समय किसानों को बाजार में अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में MSP पर सरकारी खरीद किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए तय कीमत मिलेगी और उन्हें कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी नहीं होगी. यह व्यवस्था खासकर उन किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगी, जो बड़े पैमाने पर मक्का की खेती करते हैं और अपनी फसल के लिए अच्छे खरीदार की तलाश में रहते हैं.
15 जून से शुरू होगी खरीद
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मक्का खरीद 15 जून 2026 से शुरू होगी और 31 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी. सरकार ने इस दौरान 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य रखा है. किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 150 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे. इन केंद्रों पर किसान अपनी मक्का की फसल सीधे बेच सकेंगे.
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु मक्का खरीद नीति को मंजूरी।#UPCabinet pic.twitter.com/DRsFMM1y2b
— Krishi Vibhag Gov UP (@jdabureau) June 4, 2026
इन जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ
सरकारी योजना के तहत प्रदेश के 25 जिलों में मक्का की खरीद की जाएगी. इनमें फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मिर्जापुर शामिल हैं. इन जिलों में रहने वाले किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों तक आसानी से पहुंचकर अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा.
खरीद प्रक्रिया होगी पूरी तरह पारदर्शी
सरकार मक्का खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और आसान बनाने की तैयारी में है. इसके लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. मक्का बेचने के लिए किसानों को खरीद केंद्र पर सत्यापित खतौनी, आधार कार्ड और फोटो वाला पहचान पत्र जमा करना होगा. वहीं, किसानों की जमीन और फसल से जुड़ी जानकारी की जांच भूलेख पोर्टल के जरिए ऑनलाइन की जाएगी. इससे फर्जी दावों पर रोक लगेगी और योजना का लाभ केवल पात्र किसानों तक ही पहुंच सकेगा. साथ ही खरीद प्रक्रिया भी ज्यादा तेज और व्यवस्थित होगी.
48 घंटे के भीतर मिलेगा भुगतान
किसानों की सबसे बड़ी चिंता अपनी फसल का पैसा समय पर मिलने को लेकर होती है. इसे देखते हुए सरकार ने जल्दी भुगतान की व्यवस्था की है. मक्का खरीदने के बाद उसका पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा. इसके लिए PFMS पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा. भुगतान किसानों के आधार से जुड़े और NPCI से लिंक बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर होगा. सरकार की कोशिश है कि मक्का खरीद होने के बाद किसानों को 48 घंटे के भीतर ही उनकी राशि मिल जाए, ताकि उन्हें भुगतान के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े.
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि MSP पर सरकारी खरीद होने से किसानों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव की चिंता कम होगी. इससे उन्हें अपनी फसल का तय दाम मिलेगा और बिचौलियों पर निर्भरता भी घटेगी. उत्तर प्रदेश सरकार की नई मक्का खरीद नीति किसानों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है. MSP पर खरीद, ऑनलाइन दस्तावेजों की जांच और 48 घंटे के भीतर भुगतान जैसी सुविधाएं खरीद प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाएंगी.
साथ ही, किसानों को समय पर पैसा मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर लाभ मिल सकेगा. ऐसे में मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए यह योजना काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.