यूपी के डेयरी मॉडल ने मारी बाजी! 38.8 मिलियन टन का रिकॉर्ड, 18 हजार से ज्यादा किसानों को मिला लाभ
UP Milk Production: उत्तर प्रदेश ने 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन के साथ देश में पहला स्थान हासिल किया है. राज्य अब भारत के कुल दूध उत्पादन में करीब 16 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है. डेयरी कॉन्क्लेव-2026 के दौरान सरकार ने कई योजनाओं की जानकारी दी.
UP Dairy Conclave 2026: उत्तर प्रदेश ने डेयरी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राज्य अब देश का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बन गया है. साल 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कुल 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दूध का उत्पादन हुआ है, जो पूरे देश के कुल दूध उत्पादन का करीब 16 प्रतिशत है. यह उपलब्धि ऐसे समय आई है, जब प्रदेश का दुग्धशाला विकास विभाग अपने 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. इस मौके पर राज्य के सभी 75 जिलों में ‘डेयरी कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में किसानों, पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई.
देश के दूध उत्पादन में यूपी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि, भारत लगभग 248 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बना हुआ है. इसमें उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे अधिक है. उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का भी बड़ा माध्यम बन चुका है.
हजारों किसानों और पशुपालकों को मिला योजनाओं का लाभ
राज्य सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की कमाई बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं चला रही है. नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब तक करीब 18 हजार लोगों को फायदा मिल चुका है. डेयरी कॉन्क्लेव के दौरान भी बड़ी संख्या में किसानों और पशुपालकों को योजनाओं का लाभ देने के लिए स्वीकृति पत्र दिए गए.
इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के तहत 2,100, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 1,500 से ज्यादा और नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 450 से अधिक पशुपालकों को मंजूरी दी गई. इन योजनाओं के जरिए किसानों और पशुपालकों को अच्छी नस्ल के पशु, डेयरी शुरू करने के लिए आर्थिक मदद और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि दूध का उत्पादन बढ़े और उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो.
यूपी दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर 75 जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव संपन्न। श्रीमती धनलक्ष्मी के., दुग्ध आयुक्त, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, निदेशक (प्रशासन एवं विकास) व समस्त विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में 4000+ पशुपालकों को मिले स्वीकृति पत्र। pic.twitter.com/slssy1U6zC
— Department of AHUP (@DOAHUP) August 5, 2026
डेयरी सेक्टर में बढ़ रहा निवेश
उत्तर प्रदेश में डेयरी उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है. सरकार के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 4,951 नई प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं. इससे करीब 2.25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है. इसके अलावा डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ से अधिक के 829 निवेश समझौते (एमओयू) किए गए हैं. इससे आने वाले समय में दूध उत्पादन, प्रोसेसिंग और डेयरी कारोबार को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
दूध प्रोसेसिंग क्षमता में भी बड़ा इजाफा
उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत प्रदेश में दूध की प्रोसेसिंग और चिलिंग क्षमता में हर दिन 39 लाख लीटर की बढ़ोतरी हुई है. इससे करीब 10,000 नए रोजगार भी पैदा हुए हैं. साथ ही सरकार ने निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 42 करोड़ रुपये का अनुदान भी जारी किया है.
किसानों को सिखाई गई आधुनिक डेयरी तकनीक
डेयरी कॉन्क्लेव में बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक, कृषि विशेषज्ञ, दुग्ध समितियों के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह और सरकारी अधिकारी शामिल हुए. इस दौरान किसानों को डेयरी का काम बेहतर तरीके से करने, वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन, पशुओं की सही देखभाल, पौष्टिक आहार, साफ-सफाई और दूध उत्पादन बढ़ाने के आसान तरीके बताए गए. विशेषज्ञों ने कहा कि अगर किसान नई तकनीक अपनाते हैं, तो कम खर्च में ज्यादा दूध का उत्पादन कर सकते हैं. इससे उनकी कमाई बढ़ेगी और डेयरी कारोबार भी ज्यादा लाभदायक बनेगा.
डेयरी से बढ़ रही किसानों की आय
सरकार का कहना है कि, डेयरी का काम अब किसानों के लिए खेती के साथ कमाई का एक भरोसेमंद जरिया बनता जा रहा है. दूध उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी, सरकारी योजनाओं का लाभ, आधुनिक तकनीक और बढ़ते निवेश से आने वाले समय में किसानों और पशुपालकों की आय में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इसी वजह से उत्तर प्रदेश डेयरी उत्पादन में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और देश के सबसे बड़े दूध उत्पादक राज्य के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है.