4 मई को किसानों के खातों में आएंगे 122 करोड़ रुपये, खरीफ और रबी फसल नुकसान की होगी भरपाई
पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. कहीं तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब हुईं, तो कहीं सूखे जैसी स्थिति ने उत्पादन को प्रभावित किया. ऐसे में किसानों की मेहनत और निवेश दोनों पर असर पड़ा. इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने 122.28 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का ऐलान किया है.
UP crop compensation: बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण जिन किसानों की फसलें खराब हुई थीं, उन्हें अब सरकार आर्थिक मदद देने जा रही है. राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 4 मई को कुल 122.28 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी. यह भुगतान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किया जाएगा, जिससे किसानों को हुए नुकसान की भरपाई हो सके.
मौसम की मार से जूझ रहे किसानों को मिलेगा सहारा
पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. कहीं तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब हुईं, तो कहीं सूखे जैसी स्थिति ने उत्पादन को प्रभावित किया. ऐसे में किसानों की मेहनत और निवेश दोनों पर असर पड़ा. इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके और उनकी आय पर ज्यादा असर न पड़े.
पूरे प्रदेश में एक साथ होगा भुगतान
कृषि विभाग के अनुसार, 4 मई को शाम 4 बजे से प्रदेश के सभी जिलों में यह क्षतिपूर्ति राशि वितरित की जाएगी. यह प्रक्रिया जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पूरी की जाएगी, लेकिन पैसा सीधे किसानों के खातों में भेजा जाएगा. इससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों को बिना किसी परेशानी के लाभ मिल जाता है.
कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा की निदेशक सुमिता सिंह के अनुसार, इस दिन खरीफ 2025 और रबी 2025-26 दोनों सीजन के किसानों को उनकी क्षतिपूर्ति दी जाएगी.
खरीफ और रबी दोनों सीजन के किसानों को फायदा
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2025 सीजन के लिए कुल 730.04 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति तय की गई थी. इसमें से 624.88 करोड़ रुपये पहले ही किसानों को दिए जा चुके हैं. अब शेष 105.16 करोड़ रुपये 4 मई को जारी किए जाएंगे.
वहीं रबी 2025-26 सीजन के लिए बची हुई 17.11 करोड़ रुपये की राशि भी उसी दिन किसानों को दी जाएगी. इस तरह दोनों सीजन को मिलाकर कुल 122.28 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में पहुंचेंगे.
पहले भी मिल चुकी है बड़ी आर्थिक सहायता
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसानों को इस तरह की मदद दी है. इससे पहले 21 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक क्लिक के माध्यम से खरीफ 2025 सीजन के लिए 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि 2.51 लाख किसानों के खातों में भेजी थी.
लाखों किसानों को मिल चुका है योजना का लाभ
अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए, तो यह योजना किसानों के लिए काफी मददगार साबित हुई है. वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक 67.86 लाख किसानों को इस योजना के तहत लाभ मिला है और कुल 5755.68 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है. यह योजना ग्राम पंचायत स्तर तक लागू है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को भी सीधा फायदा मिलता है.
किन फसलों को मिलता है बीमा सुरक्षा
इस योजना के तहत किसानों की प्रमुख फसलों को शामिल किया गया है. खरीफ सीजन में धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, दालें और तिलहन जैसी फसलें कवर होती हैं. वहीं रबी सीजन में गेहूं, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू जैसी फसलों को सुरक्षा दी जाती है. इससे किसानों को हर मौसम में फसल सुरक्षा का भरोसा मिलता है.
कम प्रीमियम में बड़ा फायदा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की एक खास बात यह है कि इसमें किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना पड़ता है. खरीफ फसलों के लिए सिर्फ 2 प्रतिशत, रबी के लिए 1.5 प्रतिशत और नकदी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम तय किया गया है. बाकी प्रीमियम का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करती हैं. इससे छोटे किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और वे आसानी से इस योजना का लाभ उठा पाते हैं.
किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनी योजना
यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है. जब भी मौसम खराब होता है या प्राकृतिक आपदा आती है, तो यही योजना किसानों को संभालने का काम करती है. इससे किसानों को नुकसान की भरपाई मिलती है, उनका आत्मविश्वास बना रहता है और वे बिना डर के खेती जारी रख सकते हैं.