हापुड़ में ‘वाइब्रेंट विलेज 2026’ का आयोजन, शुद्ध भोजन और प्राकृतिक खेती पर देशभर के विशेषज्ञों का मंथन

हापुड़ के शुद्धग्राम ऑर्गेनिक फार्म में आयोजित 'वाइब्रेंट विलेज 2026' सम्मेलन में देशभर के कृषि विशेषज्ञों, किसानों, स्टार्टअप्स और उपभोक्ताओं ने प्राकृतिक खेती, शुद्ध भोजन, फूड लेबल की पारदर्शिता और किसान-उपभोक्ता के सीधे जुड़ाव पर विस्तार से चर्चा की.

नोएडा | Published: 6 Jul, 2026 | 05:48 PM

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के हैदरपुर स्थित शुद्धग्राम ऑर्गेनिक फार्म में रविवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘वाइब्रेंट विलेज 2026’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में देशभर से कृषि विशेषज्ञों, जैविक किसानों, कृषि स्टार्टअप्स, पर्यावरण प्रेमियों और शहरी उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया. सम्मेलन का उद्देश्य प्राकृतिक खेती, शुद्ध भोजन, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और किसान-उपभोक्ता के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देना रहा.

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण लाइव फार्म विजिट रहा, जिसमें दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे उपभोक्ताओं ने शुद्धग्राम ऑर्गेनिक फार्म का भ्रमण किया. प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई. आयोजकों ने बताया कि फसलों का उत्पादन बिना रासायनिक खाद और हानिकारक कीटनाशकों के, जीवामृत और घनजीवामृत जैसी प्राकृतिक तकनीकों के माध्यम से किया जाता है. इसके साथ ही बुआई, कटाई, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग से लेकर उपभोक्ता तक उत्पाद पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई.

तमाम विषयों पर विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

तकनीकी संगोष्ठी में प्राकृतिक खेती के आर्थिक पक्ष, शुद्ध भोजन की आवश्यकता, फूड लेबल की पारदर्शिता, ग्रामीण उद्यमिता और ऑर्गेनिक उत्पादों की विश्वसनीयता जैसे विषयों पर चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने कहा कि बाजार में ऑर्गेनिक और नेचुरल नाम से बिक रहे उत्पादों के लेबल को समझना उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए किसानों ने अपने पारंपरिक अनाज, सरसों तेल, ए-2 घी, मसाले और अन्य जैविक उत्पादों के स्टॉल भी लगाए.

शुद्धग्राम ऑर्गेनिक के संस्थापक गौरव एम. त्यागी ने कहा कि शुद्ध भोजन का भविष्य किसान और उपभोक्ता के सीधे जुड़ाव पर निर्भर करता है. उनके अनुसार बिचौलियों की भूमिका कम होने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंचेंगे. श्री शुद्ध देसी की संस्थापिका ज्योति त्यागी ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव शुद्ध और सुरक्षित भोजन पर आधारित है. उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के बीच किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संवाद समय की जरूरत है.

सह-संस्थापक विवेक त्यागी ने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ केवल ऑर्गेनिक उत्पादों का बाजार नहीं बल्कि किसानों, उपभोक्ताओं, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों को जोड़ने वाला एक साझा मंच है. उनका कहना था कि इसका उद्देश्य गांवों को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है.

ग्रामीण और शहरी समाज के बीच विश्वास बढ़ाने पर जोर

सम्मेलन में शामिल प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण और शहरी समाज के बीच विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को कृषि और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने बताया कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ पहल को देश के अन्य राज्यों तक भी विस्तार देने की योजना है. इसके तहत हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्राकृतिक खेती, शुद्ध भोजन और आत्मनिर्भर गांवों के अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके.

कार्यक्रम का आयोजन ‘श्री शुद्ध देसी’ और ‘शुद्धग्राम ऑर्गेनिक’ की ओर से किया गया. आयोजन का नेतृत्व शुद्धग्राम ऑर्गेनिक के संस्थापक गौरव एम. त्यागी, श्री शुद्ध देसी की संस्थापिका ज्योति त्यागी तथा सह-संस्थापक विवेक त्यागी ने किया.

कार्यक्रम में कृषि और डिजिटल मीडिया से जुड़े कई प्रमुख नाम शामिल हुए. इनमें रवि जोन फार्मिंग लीडर के रवि त्यागी और रमन त्यागी, सात्विक फूड्स के शांतनु अत्रिश, वाक्षी ऑर्गेनिक्स के वरुण सिंगला, पृथ्वी रूह की अंशिका शर्मा, सौंधी सुगंध के प्रतिनिधि, वनव्य कंसल्टिंग के स्वप्निल पांडे तथा कृषि मीडिया प्लेटफॉर्म ‘खबर किसान की’ के संस्थापक अंकित शर्मा भी मौजूद रहे. उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए किसानों, महिला उद्यमियों और कृषि स्टार्टअप संचालकों से संवाद किया.

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