प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को मिला 5-5 लाख का चेक, उन्नत बीजों की मिनीकिट भी मिली
Shri Anna millet mission UP: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ावा दे रही है, जिसमें बिना रसायन वाली खेती पर जोर दिया जा रहा है. इसी के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में एक कृषि कार्यक्रम में हिस्सा लिया और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया.
Natural Farming UP: उत्तर प्रदेश सरकार इस खरीफ सीजन में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को तेजी से बढ़ावा दे रही है. इसके लिए राज्य में ‘खेत बचाओ अभियान’ भी चलाया जा रहा है, जिसका मकसद किसानों को रसायन मुक्त खेती की ओर प्रेरित करना है. सरकार का मानना है कि, इससे न केवल मिट्टी की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की आय भी लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी. इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया. साथ ही मुख्यमंत्री ने कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत किसानों को 5-5 लाख रुपये के चेक दिए गए.
कृषि कार्यशाला में सीएम योगी की मौजूदगी
कानपुर के कैलाश सभागार में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला’ के दौरान मुख्यमंत्री ने पहले प्राकृतिक खेती से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया. इस प्रदर्शनी में किसानों द्वारा तैयार किए गए जैविक उत्पादों को दिखाया गया. इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मुख्यमंत्री को प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न उत्पादों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी.
बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसान सम्मानित
कार्यक्रम में उन किसानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने प्राकृतिक खेती को अपनाकर उत्कृष्ट कार्य किया है. इनमें कई प्रगतिशील किसान शामिल रहे:
- छोटेलाल (पैगूपुर)
- राजेश कुमार त्रिपाठी (शिवराजपुर)
- आशीष कुमार (कल्याणपुर)
- सुनील सिंह कटियार (बिल्हौर)
- फूल सिंह यादव (झींझक)
इन किसानों ने रसायन मुक्त खेती अपनाकर दूसरों के लिए एक प्रेरणा पेश की है.
आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनें, प्राकृतिक खेती इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बन सकती है।
प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहन एवं अन्नदाता किसानों को नवीनतम तकनीक से जोड़ने हेतु आज कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।
साथ ही… pic.twitter.com/cPjIhTXbFE
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 18, 2026
किसानों को मिला आर्थिक सहयोग और मिनीकिट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थी किसानों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दो किसानों को 5-5 लाख रुपये के चेक दिए गए. इसके अलावा, प्रदेश में मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कदम उठाए गए. इस पहल के तहत दो किसानों को श्री अन्न मिनीकिट भी प्रदान किए गए, जिससे वे बाजरा, ज्वार जैसे अनाजों की खेती को आगे बढ़ा सकें.
प्राकृतिक खेती से आने वाली पीढ़ियों को फायदा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि प्राकृतिक खेती आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकती है. इससे न केवल मिट्टी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि लोग अधिक स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर प्राकृतिक खेती को एक बड़ा आंदोलन बनाने की दिशा में काम कर रही है.
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान रसायन मुक्त खेती अपनाएं और प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करें. इससे कृषि उत्पादन भी स्थिर रहेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.