उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है. एक ओर पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत प्रदेशभर में 2 करोड़ से अधिक पौधे लगाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर अमृत सरोवर योजना के तहत 19,989 सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार कर उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है. इन दोनों अभियानों से जल संरक्षण, हरियाली, किसानों को सिंचाई, ग्रामीण रोजगार और पर्यावरण सुधार जैसे कई क्षेत्रों में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
2 करोड़ से ज्यादा पौधों से बढ़ेगी हरियाली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेशभर में सड़कों, एक्सप्रेसवे और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा. मिशन छाया के तहत 2,336 स्थानों पर 11,325 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधे लगाए जाएंगे. इस अभियान का उद्देश्य सड़क किनारे हरियाली बढ़ाना, लोगों को छाया देना और बढ़ती गर्मी व हीटवेव के असर को कम करना है. वन विभाग के साथ लोक निर्माण, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास और आवास विकास जैसे कई विभाग मिलकर इस अभियान को सफल बनाएंगे. पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, गूलर, महुआ, आम, शीशम, अर्जुन, महोगनी, अमलतास, कचनार और गुलमोहर जैसी छायादार व फलदार प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
गंगा एक्सप्रेसवे समेत कई बड़े मार्ग होंगे हरे-भरे
इस अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर होने वाला पौधरोपण है. यहां 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे. एक्सप्रेसवे की दोनों पटरियों पर हर एक किलोमीटर की दूरी पर हरिशंकरी (पीपल, बरगद और पाकड़) के पौधे लगाए जाएंगे. पौधों की सुरक्षा के लिए तारबंदी और सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन की व्यवस्था भी की जाएगी. इसके अलावा दिल्ली-लखनऊ मार्ग, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे भी बड़े स्तर पर पौधरोपण होगा. इससे आने वाले समय में सड़क किनारे हरियाली बढ़ेगी और यात्रियों को भी राहत मिलेगी.
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19,989 अमृत सरोवरों से जल संरक्षण में यूपी बना नंबर-1
जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अमृत सरोवर योजना और अमृत सरोवर योजना 2.0 के तहत प्रदेश में अब तक 19,989 अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार किया जा चुका है. ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार, इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश अमृत सरोवर निर्माण में देश का नंबर-1 राज्य बन गया है. अमृत सरोवर निर्माण में हरदोई सबसे आगे है, जहां 1,202 सरोवर बनाए गए हैं. इसके बाद आजमगढ़ (797), गोरखपुर (734), महराजगंज (726) और प्रयागराज (638) टॉप-5 जिलों में शामिल हैं. इन सरोवरों का उद्देश्य वर्षा जल संचयन बढ़ाना, भूजल स्तर सुधारना और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराना है.
किसानों, रोजगार और पर्यावरण को मिलेगा बड़ा फायदा
अमृत सरोवर योजना के तहत प्रत्येक सरोवर को कम से कम एक एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसकी जल संग्रहण क्षमता करीब 10 हजार घन मीटर है. सरोवरों के आसपास पक्के पैदल मार्ग, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और पौधरोपण किया गया है, जिससे गांवों में हरियाली और स्वच्छ वातावरण बढ़ा है. वहीं, सरोवरों की खुदाई, गाद निकालने और सुंदरीकरण जैसे कार्यों को मनरेगा से जोड़ने के कारण लाखों ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है. दूसरी ओर, सड़कों और एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाने वाले 2 करोड़ से अधिक पौधे प्रदेश में हरियाली बढ़ाने, गर्मी के प्रभाव को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे. जल संरक्षण और पौधरोपण के ये दोनों अभियान मिलकर उत्तर प्रदेश में सतत विकास, कृषि सुधार, ग्रामीण समृद्धि और बेहतर पर्यावरण की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं.