मक्का छोड़ सोयाबीन की ओर लौटे किसान, रकबा 10 फीसदी बढ़ेगा पर उत्पादन बारिश तय करेगी

Soybean Acreage: पिछले खरीफ सीजन में मक्का उगाने वाले कई किसानों ने सोयाबीन की खेती को तरजीह दी है. ऐसे में देश का सोयाबीन का रकबा पिछले खरीफ सीजन के मुकाबले 10 फीसदी तक बढ़ सकता है. हालांकि, उत्पादन आगामी 3 महीने के दौरान होने वाली बारिश पर निर्भर होगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 1 Jul, 2026 | 06:53 PM

सोयाबीन के रकबे में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. पिछले खरीफ सीजन में मक्का की खेती करने वाले कई किसान सोयाबीन की बेहतर कीमतों के कारण तिलहन फसल की ओर लौटे हैं और मौसम अनुकूल रहा, तो मौजूदा सत्र के दौरान देश में इसके रकबे में सात से 10 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है. हालांकि, उत्पादन बारिश की संभावनाओं पर निर्भर करेगा.

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के कार्यकारी निदेशक डीएन पाठक ने बयान जारी कर कहा कि पिछले खरीफ सीजन में मक्का उगाने वाले कई किसानों ने सोयाबीन की बेहतर कीमतों के कारण इस बार बुवाई के लिए तिलहन फसल को तरजीह दी है. उन्होंने कहा कि ‘मौसमी परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो देश में सोयाबीन का रकबा पिछले खरीफ सीजन के मुकाबले सात से 10 फीसदी बढ़ सकता है.

सोयाबीन उत्पादन आगामी 3 महीने में होने वाली बारिश तय करेगी

संगठन ने कहा है कि मक्का किसान सोयाबीन की खेती में शिफ्ट हो रहे हैं. इसके चलते रकबा तो जरूर बढ़ता दिख रहा है. लेकिन, फसल का उत्पादन अगले तीन महीनों के दौरान बारिश के वितरण पर निर्भर करेगा. क्योंकि, जून में 40 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है और जुलाई के दौरान भी कम बारिश का पूर्वानुमान मौसम विज्ञान विभाग जारी कर चुका है.

मध्य प्रदेश में 16 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी

सोपा ने अपने बुवाई सर्वेक्षण के हवाले से कहा कि मानसून में देरी के कारण इस वर्ष सोयाबीन की बुवाई हालांकि देर से शुरू हुई, लेकिन प्रमुख उत्पादक राज्यों में बारिश के विस्तार के साथ बुवाई की रफ्तार तेज हो रही है. सर्वेक्षण के मुताबिक 30 जून तक देश में करीब 29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई का अनुमान है. इसमें मध्यप्रदेश का 15.56 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र का 8.45 लाख हेक्टेयर और राजस्थान का 3.50 लाख हेक्टेयर रकबा शामिल है.

116 लाख हेक्टेयर में बुवाई का आंकड़ा पार होने का अनुमान

संगठन ने कहा कि देश में 2025 के खरीफ सीजन के दौरान 114.56 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया गया था और 920 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की औसत पैदावार के साथ इसका उत्पादन 105.36 लाख टन रहा था. इस खरीफ सीजन 2026 में 116 लाख हेक्टेयर के पार सोयाबीन खेती का रकबा जा सकता है. क्योंकि, मॉनसून अब राज्यों में पहुंच रहा है और मिट्टी में नमी मिलने के बाद बुवाई में तेजी देखी जा रही है.

15 जुलाई तक सभी हिस्सों में बुवाई पूरी होने की उम्मीद

संगठन ने हवाई सर्वेक्षण के बाद कहा है कि मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पर्याप्त बारिश के बाद सोयाबीन बोए जाने का सिलसिला तेज हो गया है और 15 जुलाई तक राज्य के पूरे संभावित रकबे में बुवाई पूरी होने की उम्मीद है. महाराष्ट्र में मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण बुवाई की गति अपेक्षाकृत धीमी है, लेकिन अगले दो सप्ताह के भीतर इसमें तेजी आने की संभावना है. राजस्थान में सोयाबीन की बुवाई टारगेट रकबे के 35 से 40 फीसदी तक पहुंच चुकी है.

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Published: 1 Jul, 2026 | 06:46 PM

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