सीएम कृषक दुर्घटना योजना हुई डिजिटल, अब ऑनलाइन आवेदन कर सीधे खाते में मिलेगा 5 लाख तक मुआवजा

सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत किसानों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक मदद दी जाती है. अब इस योजना को डिजिटल बना दिया गया है, जिससे किसान घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और मुआवजा सीधे बैंक खाते में मिलेगा. इससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी और किसानों को समय पर राहत मिल सकेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 30 Apr, 2026 | 08:10 PM

CM Krishak Durghatna Kalyan Yojana: खेती के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं कई बार किसानों और उनके परिवारों को अचानक आर्थिक संकट में डाल देती हैं. ऐसे हालात में राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों के लिए सहारा बनकर सामने आई है. अब इस योजना को डिजिटल रूप दिया जा रहा है, जिससे किसान बिना दफ्तर गए घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और मुआवजा सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगा. इससे न केवल प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि समय और मेहनत दोनों की बचत भी होगी.

योजना का उद्देश्य और महत्व

उत्तर प्रदेश  सरकार की सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना  की शुरुआत किसानों को खेती के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से आर्थिक सुरक्षा देने के लिए की गई थी. कई बार खेत में काम करते समय हादसे हो जाते हैं, जिससे किसान या उनके परिवार पर बड़ा संकट आ जाता है. ऐसे में यह योजना उन्हें आर्थिक सहारा देती है. अगर किसी दुर्घटना में किसान की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो सरकार उसके परिवार को आर्थिक मदद देती है, जिससे वे मुश्किल समय से उबर सकें.

मुआवजे की राशि और श्रेणियां

इस योजना के तहत मुआवजे की राशि नुकसान की गंभीरता के अनुसार तय की जाती है. अगर किसी किसान की मृत्यु  हो जाती है, तो उसके परिवार को 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है. वहीं, दोनों हाथ या पैर खोने की स्थिति में भी इतनी ही राशि मिलती है. यदि एक हाथ और एक पैर का नुकसान होता है, तो 2 से 3 लाख रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 से 2 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलता है. इस तरह यह योजना अलग-अलग परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देती है.

किन दुर्घटनाओं में मिलता है लाभ

इस योजना की खास बात यह है कि इसमें कई तरह की दुर्घटनाओं को शामिल किया गया है. पेड़ गिरना, बिजली गिरना, सड़क हादसा, करंट लगना, आग लगना, बाढ़ में बह जाना या जानवरों के काटने जैसी घटनाओं में भी मुआवजा दिया जाता है. इसके अलावा घर गिरने या अन्य अचानक होने वाले हादसे भी इसमें कवर किए गए हैं. इससे किसानों को लगभग हर तरह की अनहोनी स्थिति में सुरक्षा मिलती है और वे खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं.

डिजिटल प्रक्रिया से होगी आसानी

अब इस योजना को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है, जिससे किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. किसान आधिकारिक पोर्टल https://mkdky.up.gov.in/
पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं. वहां उन्हें अपना फॉर्म भरना होगा, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे और आवेदन जमा करना होगा. इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी और आवेदन मंजूर होने पर मुआवजा सीधे बैंक खाते में भेज दिया जाएगा. इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो जाएगी.

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Published: 30 Apr, 2026 | 08:10 PM
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