Uttar Pradesh farmers: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 2.51 लाख से अधिक किसानों और 3500 जरूरतमंद परिवारों के बैंक खातों में कुल 460 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की. यह रकम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दी गई है. सरकार का कहना है कि इस मदद से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई में राहत मिलेगी.
फसल बीमा योजना से मिला सहारा
कृषि पर निर्भर किसानों के लिए मौसम की मार सबसे बड़ी चुनौती होती है. कभी ओलावृष्टि तो कभी सूखा या बाढ़, इन परिस्थितियों में किसान की मेहनत पर पानी फिर जाता है. ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम कर रही है. इस योजना के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को करीब 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई. यह रकम सीधे उनके खातों में पहुंचाई गई ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके और अगली फसल की तैयारी में किसी प्रकार की बाधा न आए.
सरकार का मानना है कि जब किसान आर्थिक रूप से सुरक्षित होगा, तभी खेती को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी. इसी सोच के साथ राज्य सरकार लगातार बीमा योजनाओं के दायरे को बढ़ा रही है.
#WATCH Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath says, “… In the state, the first responders in disaster management can be ‘Aapda Mitra’. Prime Minister Modi has taken up a major campaign. Uttar Pradesh has worked to advance this initiative of Prime Minister Modi.… pic.twitter.com/nalsfRN61h
— ANI (@ANI) February 21, 2026
दुर्घटना कल्याण योजना से परिवारों को संबल
खेती के काम में कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं, जिससे परिवारों पर अचानक संकट आ जाता है. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना ऐसे ही परिवारों के लिए सहारा बनकर सामने आई है. इस योजना के तहत 3500 लाभार्थी परिवारों को लगभग 175 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी किसान परिवार को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान और उसके परिवार की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. इसलिए योजनाओं को सरल बनाया गया है और सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
आपदा मित्र कार्यक्रम पर भी जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर आपदा प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें कहीं. उन्होंने बताया कि प्रदेश में ‘आपदा मित्र’ कार्यक्रम को मजबूती दी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने 25 जिलों में युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया है. एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स सहित विभिन्न संगठनों के करीब 29 हजार से अधिक युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है.
इन प्रशिक्षित युवाओं का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों की मदद करना और राहत कार्यों को तेज बनाना है. सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवा आपदा की स्थिति में सबसे पहले सहायता पहुंचा सकते हैं.
ग्रामीण विकास की दिशा में मजबूत कदम
राज्य सरकार का यह कदम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. समय पर मुआवजा, दुर्घटना सहायता और आपदा प्रबंधन की तैयारी इन सभी प्रयासों से किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है. सरकार का दावा है कि आने वाले समय में भी किसानों और ग्रामीण परिवारों के हित में ऐसी योजनाएं जारी रहेंगी, ताकि प्रदेश की कृषि व्यवस्था और अधिक सशक्त बन सके.