Uttarakhand Budget: सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए एप्पल मिशन लॉन्च, पशुपालन पर 42 करोड़ खर्च होंगे

Uttarakhand Budget Announcements: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट में सेब किसानों की कमाई बढ़ाने के साथ ही उत्पादन भी बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इसके लिए 'मिशन एप्पल' की शुरुआत की जा रही है. वहीं, कृषि विकास के तहत बागवानी फसलों और मछली पालन पर भी बजट की व्यवस्था की गई है.

नोएडा | Updated On: 9 Mar, 2026 | 04:43 PM

उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा में बजट 2026-27 पेश कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1,11,730 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. यह बजट पिछले बजट से करीब 10 फीसदी ज्यादा है. बजट में कृषि विकास और पशुपालन पर खास जोर दिया गया है. सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘मिशन एप्पल’ को शुरू करने की घोषणा की गई है. ग्रामीण विकास के लिए सड़क का जाल बिछाने पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. आंगनबाड़ी और पोषण के लिए अलग से बजट तय किया गया है.

सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘मिशन एप्पल’ पर खर्च होंगे 42 करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट में सेब किसानों की कमाई बढ़ाने के साथ ही उत्पादन भी बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इसके लिए ‘मिशन एप्पल’ की शुरुआत की जा रही है और इस पर 42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस राशि से किसानों की मदद की जाएगी और उन्नत किस्मों की बुवाई पर जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा सेब परिवहन और बिक्री के लिए भी खास व्यवस्थाएं की जाएंगी.

पशुपालन पर 42 करोड़ रुपये खर्च होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध और दूध से बने उत्पादों का प्रोडक्शन बढ़ाने पर खास जोर दिया जाएगा और इसके लिए पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की लाभार्थी योजनाओं के लिए 42.02 करोड़ रुपये आवंटित किए जा रहे हैं. इस राशि से पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे ताकि वे पशुओं को पालकर दूध उत्पादन में हिस्सेदारी बढ़ा सकें.

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की घोषणा

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य से पलायन की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में पुष्कर धामी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ के लिए 60 करोड़ की राशि का विशेष प्रावधान किया है. इसके साथ ही MSME सेक्टर की सहायता के लिए 75 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है.

पेंशन एवं सहायता के लिए 1,327 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन मद में 1,327.73 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा गया है. यह राज्य के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम है. साथ ही विभिन्न विभागों के माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए लगभग 43.50 करोड़ रुपये आवंटित हैं.

आंगनबाड़ी और पोषण के लिए कई योजनाओं की घोषणा

सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 598.33 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए 149.45 करोड़ रुपये दिए गए हैं. ‘मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना’ के लिए 30 करोड़ रुपये, ‘आंचल अमृत योजना’ के लिए 15 करोड़ रुपये और ‘वात्सल्य योजना’ के तहत 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

ग्राम सड़क योजना पर खर्च होंगे एक हजार करोड़

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूंजीगत मद में 1,642.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. पंचायतों को मजबूती देने के लिए पंचायती राज संस्थाओं को 1,491.00 करोड़ रुपये दिए गए हैं. सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’ और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के लिए 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़कों के जाल के लिए 1,050.00 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. ‘गड्ढा मुक्त सड़क अभियान’ हेतु 400.00 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है.

Published: 9 Mar, 2026 | 04:39 PM

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