तेलंगाना में 6.17 लाख टन फोर्टिफाइड चावल बांटा गया, 95 फीसदी से ज्यादा कोटा पूरा

तेलंगाना में अगस्त से अक्टूबर 2026 के लिए एडवांस पीडीएस कोटे के तहत 6.17 लाख मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल बांटा गया. यह केंद्र के आवंटन का 95.13 फीसदी है. मॉनसून में सप्लाई बाधित न हो, इसलिए पहले राशन बांटा गया. डिजिटल निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन से वितरण में पारदर्शिता बढ़ी. स्कूलों, हॉस्टलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को भी चावल पहुंचाया गया.

नोएडा | Published: 8 Sep, 2026 | 11:36 AM

तेलंगाना में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 के लिए एडवांस पीडीएस कोटे के तहत 6.17 लाख मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल बांटा गया है. यह केंद्र सरकार के कुल आवंटन का 95.13 फीसदी है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक, 5 सितंबर तक उचित मूल्य दुकानों के जरिए लाभार्थियों को 6,16,806.40 मीट्रिक टन चावल दिया जा चुका है.

तेलंगाना में मॉनसून के दौरान भारी बारिश और परिवहन की दिक्कतों से राशन की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए तीन महीने का राशन पहले ही बांटा गया. इस अभियान में 99,30,003 राशन कार्डधारकों को कवर किया गया और 2.95 करोड़ से ज्यादा लेनदेन हुए. 31 अगस्त तक करीब 6.10 लाख मीट्रिक टन यानी 94.2 फीसदी चावल बांटा जा चुका था. बाद में समय बढ़ाए जाने पर यह आंकड़ा 95.13 फीसदी तक पहुंच गया.

35,371 स्कूलों के 27.36 लाख छात्रों को मिला 4,530 टन फोर्टिफाइड चावल

तेलंगाना के नागरिक आपूर्ति विभाग ने राशन वितरण पर नजर रखने के लिए डिजिटल सिस्टम और बायोमेट्रिक सत्यापन  का इस्तेमाल किया. ई-पॉस मशीनों से लाभार्थियों का सत्यापन और राशन के स्टॉक की निगरानी की गई.अधिकारियों के मुताबिक, इससे वितरण में पारदर्शिता बढ़ी और राशन की हेराफेरी पर रोक लगी. अगस्त में मिड-डे मील योजना के तहत 35,371 स्कूलों के करीब 27.36 लाख छात्रों के लिए 4,529.874 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई की गई.

35,700 आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचा फोर्टिफाइड चावल

तेलंगाना में कल्याणकारी योजनाओं के तहत हॉस्टलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई की गई. 4,389 कल्याणकारी हॉस्टलों में करीब 11.72 लाख लोगों के लिए 13,555.211 मीट्रिक टन चावल दिया गया. बच्चों और महिलाओं के पोषण कार्यक्रमों के तहत 35,700 आंगनवाड़ी केंद्रों को भी फोर्टिफाइड चावल पहुंचाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, पहले से स्टॉक रखने से मॉनसून के दौरान सप्लाई बाधित होने का खतरा कम होगा. डिजिटल सिस्टम से चावल के वितरण की रियल-टाइम निगरानी और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई.

क्यूआर कोड वाले नए कार्ड से डिजिटल सत्यापन होगा आसान

तेलंगाना सरकार 15 अगस्त 2026 से 1.05 करोड़ नए राशन कार्ड बांट रही है. नए राशन कार्ड क्रेडिट या डेबिट कार्ड के आकार के होंगे और इनमें क्यूआर कोड भी दिया गया है. इससे लाभार्थियों का डिजिटल सत्यापन और रिकॉर्ड रखना आसान होगा. राज्य सरकार का कहना है कि नए पात्र परिवारों को समय पर पीडीएस का लाभ पहुंचाने के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है.

टूटे चावल का औद्योगिक और इथेनॉल उत्पादन में बढ़ेगा इस्तेमाल

बता दें कि पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने चावल की गुणवत्ता के नियमों में बदलाव किया. इसके तहत राशन में टूटे चावल की मात्रा 15 फीसदी तक कम की जाएगी और साबुत चावल की सप्लाई बढ़ाई जाएगी. वहीं, टूटे चावल का इस्तेमाल उद्योगों और इथेनॉल बनाने में ज्यादा किया जा सकेगा. सरकार को इन बदलावों से हर साल करीब 2,161 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है.

Topics: