चीनी का उत्पादन फिर से नए रिकॉर्ड पर पहुंचेगा, गन्ना में जल्दी फूल आने पर एक्सपर्ट ने जताई चिंता

इस्मा ने कहा है कि देश में कुल चीनी उत्पादन लगभग 324 लाख टन रहने वाला है. वहीं, 31 लाख टन चीनी का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में किया जाएगा. उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पेराई में चीनी की अच्छी रिकवरी ने उत्पादन बीते साल से 12 फीसदी अधिक रहने वाला है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 25 Feb, 2026 | 04:37 PM

देश में बंपर चीनी उत्पादन दर्ज किया गया है. इसके साथ ही इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने अपने तीसरे अग्रिम अनुमान में बंपर उत्पादन की बात कही है. इस साल 1 नवंबर से शुरू हुए 2025-26 पेराई सीजन में 324 लाख टन से उत्पादन रहने का अनुमान जताया गया है, जो बीते साल की तुलना में 28 लाख टन अधिक है. बंपर उत्पादन के बावजूद इस्मा के एक्सपर्ट ने गन्ना में फूल जल्दी आने की स्थिति को ठीक नहीं बताया है.

इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने देश में पूरी तरह सोच-विचार और एनालिसिस के बाद ISMA ने अपने प्रोडक्शन के अनुमान को इस तरह बदलते हुए कहा है कि देश में कुल चीनी उत्पादन लगभग 324 लाख टन रहने वाला है. चीनी डायवर्जन का अनुमान राज्यवार इथेनॉल सप्लाई के बंटवारे और बाकी सीजन में गन्ने की पेराई के आधार पर 31 लाख टन चीनी का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में किया जाएगा.

पिछले साल से 12 फीसदी ज्यादा होगा चीनी का स्टॉक

इस्मा ने कहा है कि घरेलू खपत के लिए केंद्रीय भंडार में चीनी इस सीजन पेराई के बाद 293 लाख टन चीनी मौजूद रहेगी. बीते साल की तुलना में चीनी का स्टॉक 12 फीसदी अधिक रहने वाला है. चीनी उत्पादन और स्टॉक भरपूर बना रहने में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र की भूमिका काफी अहम रहने वाली है. क्योंकि, दोनों राज्यों में इस बार बंपर गन्ना उत्पादन देखा जा रहा है, इसके साथ अच्छी रिकवरी के चलते चीनी उत्पादन नए रिकॉर्ड पर पहुंचने की ओर बढ़ रहा है.

ISMA ने 2025–26 शुगर सीजन के लिए चीनी प्रोडक्शन का तीसरा एडवांस अनुमान में कहा कि गन्ने के एरिया का सैटेलाइट बेस्ड असेसमेंट किया गया है. ISMA ने देश भर में गन्ने की फसल की स्थिति का असेसमेंट करने के लिए फरवरी 2026 की शुरुआत में हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी खरीदी थी. सैटेलाइट इमेज ने इनका एक साफ और भरोसेमंद अनुमान लगाने में मदद की है. अपने अनुमान में इस्मा ने कटाई के लिए बचे हुए गन्ने के एरिया को शामिल नहीं किया है.

यूपी महाराष्ट्र और कर्नाटक में अच्छी चीनी रिकवरी की उम्मीद

इस्मा की कमेटी ने देखा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने की पैदावार पहले के अनुमानों से कम है. यह मुख्य रूप से राज्य में चल रहे वैरायटी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के कारण है, जिसने कुछ समय के लिए प्रोडक्टिविटी लेवल पर असर डाला है. हालांकि, राज्य में शुगर रिकवरी पिछले सीजन की तुलना में ज्यादा बताई गई है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में इस साल 2026-27 सीजन के लिए बुआई में सुधार हुआ है. इस वजह से 2026-27 का पेराई सीजन अच्छा दिख रहा है, जिसमें सीजन के आखिर तक लगभग 53 लाख टन का शुरुआती स्टॉक होने का अनुमान है, जो काफी से ज्यादा होने की उम्मीद है.

गन्ने में जल्दी फूल आने से जमाव कम होना चिंता की वजह

महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्य गन्ना उगाने वाले इलाकों में यह देखा गया है कि ठीक-ठाक शुगर रिकवरी लेवल के बावजूद प्रति यूनिट एरिया में पैदावार शुरू में उम्मीद से कम है. पैदावार में यह कमी गन्ने में फूल जल्दी आने की वजह से है. जनवरी से ही कई गन्ना उगाने वाले इलाकों में फूल आना शुरू हो गया था. जल्दी फूल आने की वजह अक्सर असामान्य मौसम पैटर्न, ज्यादा बारिश होती है. लेकिन, जल्दी फूल आने से गन्ने की मैच्योरिटी तेज होती है और बायोमास जमाव को कम हो जाता है. इसके नतीजे में गन्ने के डंठल हल्के, कम प्रोडक्टिव होते हैं. यह स्थिति चीनी रिकवरी और उत्पादन के लिहाज ठीक नहीं है.

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