बिहार में खाद की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को समय पर मिलेगा उर्वरक.. सरकार ने जारी किया बड़ा अपडेट

Bihar Fertilizer Update: बिहार में किसानों के लिए खाद को लेकर राहत की खबर है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक, राज्य में यूरिया, DAP, NPK, MOP और SSP का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और फिलहाल किसी जिले में खाद की कमी नहीं है. सरकार किसानों को जरूरत के समय निर्धारित कीमत पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है.

नोएडा | Updated On: 6 Sep, 2026 | 07:15 PM

Fertilizer Availability Bihar: बिहार के किसानों के लिए खाद को लेकर राहत की खबर है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है और फिलहाल किसी भी जिले में खाद की कमी नहीं है. सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक सही समय पर अच्छी क्वालिटी की खाद निर्धारित कीमत पर उपलब्ध कराई जाए. कृषि मंत्री ने यह भी साफ किया कि खाद की बिक्री में किसी तरह की गड़बड़ी, कालाबाजारी या जमाखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके लिए राज्य सरकार लगातार निगरानी कर रही है.

राज्य में कितना खाद का स्टॉक मौजूद है?

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक, बिहार में इस समय अलग-अलग तरह की खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. राज्य में करीब 3.44 लाख टन यूरिया उपलब्ध है. इसके अलावा 1.52 लाख टन DAP, 2.48 लाख टन NPK, 0.71 लाख टन MOP और करीब 1.17 लाख टन SSP का स्टॉक भी मौजूद है. सरकार का कहना है कि इन उपलब्ध भंडार के आधार पर किसानों की जरूरत पूरी करने में फिलहाल कोई बड़ी परेशानी नहीं है. किसानों को खेती के सीजन में खाद के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए विभाग लगातार स्टॉक और वितरण व्यवस्था पर नजर रख रहा है.

समय पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार खाद समय पर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए खाद की सप्लाई से लेकर दुकानों पर इसकी बिक्री तक की व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है. सरकार का उद्देश्य सिर्फ खाद उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि किसानों को खाद निर्धारित कीमत पर ही मिले. किसानों को अधिक पैसे देकर खाद खरीदने की नौबत न आए, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त नजर

खाद की मांग बढ़ने के दौरान कई बार कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें सामने आती हैं. ऐसे में सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है. कृषि मंत्री ने कहा कि खाद को तय कीमत से ज्यादा दाम पर बेचने, उसकी जमाखोरी करने या किसानों के साथ किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि खाद सीधे जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे और इसका गलत तरीके से फायदा उठाने वालों पर कार्रवाई हो.

होलसेलर और रिटेलर की भी होगी निगरानी

खाद की बिक्री व्यवस्था में होलसेलर और रिटेलर की भूमिका अहम होती है. सरकार इन स्तरों पर भी निगरानी बढ़ा रही है, ताकि खाद की सप्लाई और बिक्री के बीच किसी तरह की गड़बड़ी न हो. कृषि मंत्री ने संकेत दिया कि खाद की बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है. इसका मकसद किसानों को बिना परेशानी के खाद दिलाना और बाजार में अनियमितता पर रोक लगाना है.

Published: 6 Sep, 2026 | 05:44 PM

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