चीनी की कीमतों पर सियासत तेज, केजरीवाल बोले- इथेनॉल के चक्कर में चीनी घटाई, अब आयात की नौबत आई

केंद्र सरकार ने बढ़ती चीनी कीमतों पर लगाम लगाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की मंजूरी दी है. इस फैसले पर अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने से इथेनॉल बनाया गया, जिससे चीनी की कमी हुई और अब आयात करना पड़ रहा है.

नोएडा | Updated On: 21 Aug, 2026 | 08:26 AM

देश में बढ़ती चीनी की कीमतों को काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की मंजूरी दी. लेकिन सरकार के इस फैसले के साथ ही इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में चीनी की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं, क्योंकि बाजार में चीनी की भारी कमी हो गई है.

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देश में चीनी की कीमतें  तेजी से बढ़ रही हैं और बाजार में चीनी की किल्लत हो गई है. उनका आरोप है कि सरकार ने बड़ी मात्रा में गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में किया, जिससे चीनी का उत्पादन प्रभावित हुआ. अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने से इथेनॉल बनाया गया. केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दावा है कि इथेनॉल उत्पादन से देश की विदेशी मुद्रा बची है, लेकिन अब उसी विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल चीनी आयात करने में किया जा रहा है.

कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति

दरअसल, देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी. यह आयात 31 अक्टूबर तक किया जा सकेगा. सरकार का मकसद त्योहारी सीजन से पहले बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और कीमतों को नियंत्रित करना है. खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने कहा कि यह एक सक्रिय कदम है. इससे चीनी की उपलब्धता को लेकर चल रही अटकलें खत्म होंगी और आने वाले समय में लोगों को उचित और स्थिर कीमत पर चीनी मिल सकेगी.

चीनी की खुदरा कीमत 54.06 रुपये प्रति किलो पहुंच गई

फिलहाल भारत में कच्ची चीनी के आयात पर 100 फीसदी शुल्क लगाया जाता है. शुल्क हटने से विदेश से चीनी मंगाना सस्ता होगा और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 19 अगस्त को चीनी की औसत खुदरा कीमत 54.06 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. एक महीने पहले यह कीमत 47.82 रुपये प्रति किलो थी. यानी एक महीने में चीनी की खुदरा कीमत करीब 13 फीसदी बढ़ गई है.

त्योहारी सीजन से पहले बढ़ेगी चीनी की सप्लाई

सरकार को उम्मीद है कि शुल्क-मुक्त आयात से बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और आने वाले त्योहारी सीजन  में कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी. सरकार ने यह फैसला अगस्त से नवंबर के त्योहारी सीजन से पहले लिया है. इस दौरान चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है. इसके अलावा, बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़े खरीदारों के पास चीनी का स्टॉक रखने की सीमा भी सख्त कर दी है.

Published: 21 Aug, 2026 | 08:12 AM

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