फार्मर आईडी नहीं बनी है या गड़बड़ी है तो किसानों के पास आखिरी मौका! राज्यों में अभियान शुरू
Farmer ID Campaign : देशभर में 10 करोड़ से ज्यादा किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं. अब भी छूटे किसानों की फार्मर आईडी बनाने या गड़बड़ियों को सुधारने के लिए कई राज्यों ने अभियान की शुरुआत की है. बता दें कि कृषि योजनाओं का लाभ पाने की खातिर किसानों के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य की गई है.
कृषि से जुड़ी केंद्रीय या राज्य स्तर की योजनाओं का लाभ लेने के साथ ही खाद खरीद और उपज बिक्री के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य की गई है. जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है या उसमें गलतियां हैं उन्हें सुधार का मौका दिया जा रहा है. मध्य प्रदेश सरकार ने फार्मर आईडी रजिस्ट्रेशन के लिए अभियान शुरू कर दिया है. वहीं, हरियाणा, बिहार समेत अन्य राज्यों ने भी किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने और तहसील स्तर से फार्मर आईडी बनवाने के निर्देश दिए हैं. बता दें पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना समेत कई योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों के पास फार्मर आईडी होना अनिवार्य किया गया है.
मध्य प्रदेश सरकार ने 20 अगस्त से शुरू किया गावं-गांव अभियान
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए 20 अगस्त से अभियान की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को अब न कहीं भटकना होगा और न ही लंबी लाइनों में लगना होगा. शासकीय दल खुद किसानों के पास जाकर उनकी फार्मर आईडी बनवाएंगे. मुख्यमंत्री ने सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाने की अपील की है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से कहा कि अब खाद के लिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. पैसे की कमी हमारे किसी भी किसान के आड़े न आए, इसके लिए हमारी सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे सिर्फ पारम्परिक फसलों तक ही सीमित न रहे, बागवानी, डेयरी फार्मिंग, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे आमदनी वाले अन्य क्षेत्रों को भी अपनाएं. उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा किसानों के साथ है.
हरियाणा में फार्मर आईडी के लिए एग्रीस्टैक पर रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन तय
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी जिलों को अगले तीन दिन में किसानों का ‘एग्रीस्टैक’ मंच पर पंजीकरण टारगेट पूरा करने के निर्देश दिए हैं. किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाता है. मुख्यमंत्री ने फार्मर आईडी बनाने का टारगेट पूरा करने लिए 24 अगस्त की शाम तक की समयसीमा तय की गई है. उन्होंने उपायुक्तों को राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय करने तथा युद्धस्तर पर रजिस्ट्रेशन अभियान पूरा कराने के निर्देश दिए हैं.
बिहार में अभियान जारी, किसान ऐसे बनवाएं फार्मर आईडी
बिहार में किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेजी से चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 53.83 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है. किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए सभी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और वसुधा केंद्रों पर निशुल्क लाभ लेने को कहा गया है. इसके अलावा किसान चाहें तो आधिकारिक पोर्टल एग्रीस्टैक के जरिए खुद भी पंजीकरण कर सकते हैं. वहीं, किसानों के लिए कृषि विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18001801551 भी जारी किया गया है.