यूपी में 2.38 करोड़ किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री, इन जिलों में 100 फीसदी तक काम पूरा

उत्तर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है. यह लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है. सरकार 26 सितंबर 2026 तक सभी किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना चाहती है, जिससे पीएम-किसान, फसल बीमा, सब्सिडी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके.

Kisan India
नोएडा | Published: 5 Jul, 2026 | 01:03 PM

Uttar Pradesh Farmer Registry: उत्तर प्रदेश में किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के लिए चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम के तहत अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार इस अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि राज्य के किसानों का एक व्यापक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2,38,72,418 किसानों का पंजीकरण हो चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 2,88,70,495 किसानों के लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है. इस अभियान में गाजियाबाद और रामपुर राज्य के पहले ऐसे जिले बन गए हैं, जहां फार्मर रजिस्ट्री का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है.

फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 को की गई थी. इसका उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस  तैयार करना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और आसान तरीके से मिल सके. अधिकारियों के अनुसार, अभी करीब 49.98 लाख किसानों का पंजीकरण किया जाना बाकी है. राज्य सरकार ने जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय अधिकारियों को अगले 90 दिनों के भीतर यह काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए 26 सितंबर 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना होगा आसान

अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री बनने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), फसल बीमा योजना, कृषि सब्सिडी, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक सीधे और अधिक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा. इससे पात्र किसानों की पहचान आसान होगी और सरकारी सहायता समय पर मिल सकेगी. फार्मर रजिस्ट्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार ‘अंश निर्धारण’ पहल के तहत भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण का काम भी तेजी से कर रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान का 87.53 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है.

डिजिटलीकरण से राजस्व अभिलेखों की सटीकता बढ़ेगी

अधिकारियों का कहना है कि भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से राजस्व अभिलेखों की सटीकता बढ़ेगी, जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे और किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को लागू करना अधिक प्रभावी और आसान हो जाएगा. कृषि विभाग के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री से सरकार को वास्तविक और पात्र किसानों की पहचान करने में मदद मिलेगी. इससे किसान कल्याण योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसले सटीक आंकड़ों के आधार पर लिए जा सकेंगे.

फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को होगा फायदा

यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के तकनीक आधारित सुशासन अभियान का हिस्सा है. सरकार डिजिटल सेवाओं, पारदर्शी प्रशासन और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रही है. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में फार्मर रजिस्ट्री के जरिए राज्य के लाखों किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा सकेगा.

 

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