Republic Day 2026 Tableau Theme Rural India: देश आज 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. गणतंत्र दिवस परेड में शामिल राज्यों और मंत्रालयों की झांकी में ग्रामीण भारत के विकास और समृद्धि की झलक को भी दिखाया जा रहा है. कृषि क्षेत्र के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच की झलक मणिपुर की झांकी में दिखाई गई. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की झांकी की थीम बुंदेलखंड की संस्कृति रखी गई है. इसमें बुंदेलखंड के ग्रामीण परिवेश और वहां की परंपराओं को समाहित किया गया है. असम की झांकी में लोकप्रिय टेराकोटा मूर्तियां बनाने वाले शिल्प गांव को जगह दी गई. वहीं, पंचायती राज मंत्रालय की झांकी में स्वनिधि योजना से आर्थिक रूप से मजबूत हुए रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे कामगारों की समृद्धि दिखायी गई है.
पीएम मोदी के राष्ट्रीय स्मारक को सलामी देने के साथ शुरू हुआ गणतंत्र दिवस समारोह
देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली में कर्तव्य पथ से समारोह का नेतृत्व कर रही हैं. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस अवसर पर मुख्य अतिथि हैं. परेड समारोह की शुरुआत सुबह साढ़े दस बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के दौरे से हुई है.
गणतंत्र दिवस परेड में झाकियों में दिखा विकसित होता ग्रामीण भारत
गणतंत्र दिवस परेड में ग्रामीण भारत के विकास, समद्धि और कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच की झलक को दिखाया गया है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की गई हैं. इनमें 17 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों, विभागों, सेवाओं की झांकियों को शामिल किया गया है. इन झांकियों को ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ की थीम पर किया गया है.
मणिपुर की झांकी ने कृषि क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच की झलक दिखाई
कृषि क्षेत्र और उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच की झलक मणिपुर की झांकी में दिखी. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की झांकी की थीम बुंदेलखंड की संस्कृति रखी गई है. इसमें बुंदेलखंड के ग्रामीण परिवेश, संस्कृति और वहां की परंपराओं को समाहित किया गया है.

पंचायती राज मंत्रालय की झांकी और असम के शिल्पग्राम की झांकी.
असम की झांकी में दिखा शिल्प गांव और पंचायती राज ने दिखाया मजबूत होते छोटे कारोबारी
असम की झांकी में टेराकोटा शिल्प गांव आशारिकांडी को दिखाया गया. अशारिकांडी (Asharikandi) असम के धुबरी जिले में स्थित एक प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प और मिट्टी के बर्तनों का गांव है. इस गांव की 80 फीसदी से अधिक आबादी पीढ़ियों से इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ा रही है. यहां के कुम्हार समुदाय विशेष रूप से प्रसिद्ध हाथी के कान वाली गुड़िया और पौराणिक मूर्तियां बनाई जाती हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है.
वहीं, पंचायती राज मंत्रालय की झांकी में स्वनिधि योजना से आर्थिक रूप से मजबूत हुए रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे कामगारों की समृद्धि दिखायी गई.
प्रगतिशील किसान गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी बने
रक्षा मंत्रालय की ओर से 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77 वीं गणतंत्र दिवस परेड को देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को बुलाया गया है. प्राकृतिक खेती करने वाले कुछ चुनिंदा किसानों को न्योता भेजा गया है. इसके अलावा दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत दलहन, तिलहन और मक्का की खेती के लिए सब्सिडी प्राप्त करने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसानों को बुलाया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत महिला उत्पादक समूहों से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को भी बुलाया गया है. पशुपालन इंफ्रा विकास कोष से ऋण प्राप्त करने वाले पशुपालकों, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े किसानों को बुलाया गया है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वे किसान भी बुलाए गए हैं जिन्हें प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों के कारण फसल के नुकसान से वित्तीय सुरक्षा दी गई है.