हाथियों से फसल बचाने के लिए खोजा नायाब तरीका, किसानों की दोस्त बनीं मधुमक्खियां

किसान अकसर हाथियों से फसलों के बचाव का तरीका खोजते रहते हैं. दक्षिण केन्या के किसानों ने हाथियों को अपनी फसलों से दूर रखने के लिए नायाब तरीका खोजा है.

नोएडा | Published: 12 Aug, 2025 | 01:51 PM

भारत में हाथियों की वजह से फसलों के नुकसान के मामले अकसर सामने आते रहते हैं, जबकि कुछ घटनाओं में हाथियों के हमले में किसानों की मौत भी हुई है. बीते दिन यूपी के बलरामपुर में 35 हाथियों का झुंड घूम रहा है, जिससे किसानों में दहशत है. किसान अकसर हाथियों से फसलों के बचाव का तरीका खोजते रहते हैं. दक्षिण केन्या के किसानों ने हाथियों को अपनी फसलों से दूर रखने के लिए नायाब तरीका खोजा है. हाथियों को दूर रखने के लिए वह मधुमक्खियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

दक्षिणी केन्या के ताइता पहाड़ियों के किसानों के लिए हाथी बड़ा खतरा बने हुए हैं. हाथी फसलों पर हमला करते हैं और कभी-कभी लोगों को घायल कर देते हैं या मार भी डालते हैं. समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी केन्या के 68 वर्षीय किसान रिचर्ड शिका का कुछ बार हाथियों से सामना हुआ है, जिसमें वह बाल बाल बचे हैं. उन्होंने बताया कि एक बार मैं अपने मक्के के खेत में मौजूद एक हाथी को भगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह पलट गया और मुझ पर टूट पड़ा. वह मेरे ठीक सामने आकर रुक गया और मैं किसी तरह कूदकर बाहर निकल गया. वह जिंदा होने पर खुद को खुशकिस्मत मानते हैं.

इंसानों से टकराव की कई घटनाएं और मौतें

उन्होंने स्थानीय मीडिया ने बताया कि ताइता तवेता काउंटी में करीब दो साल पहले एक तीन साल की बच्ची को हाथी ने कुचलकर मार डाला था, उसकी मां घायल हो गई थी. जिस इलाके में शिका का खेत है, वह केन्या के सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यान से लगभग घिरा हुआ है. त्सावो पूर्व राष्ट्रीय उद्यान की सीमा पूर्व में 10 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है, और त्सावो पश्चिम उत्तर, पश्चिम और दक्षिण की ओर घूमता है.

पार्क हमेशा से बिना बाड़ के रहे हैं, जिससे जानवरों को प्रवास करने की अनुमति मिलती है. धीरे-धीरे, यह उन्हें इंसानों के रास्ते में डाल देता है. संरक्षण संगठन सेव द एलीफेंट्स के लिए मानव-हाथी सह अस्तित्व पर शोध कर रहे युका लुवोंगा बताते हैं कि हम इंसानों की विकसित जगहें और बुनियादी ढांचा हाथियों के प्रवासी मार्गों और रास्तों में बाधा डालते हैं.

1 क्विंटल से ज्यादा फसल खा जाते हैं हाथी

हाथी प्रतिदिन लगभग 150 किलोग्राम वनस्पति खाते हैं, इसलिए उन्हें खेतों से दूर रखना मुश्किल है, खासकर अगर कहीं और चारा कम हो. शिका कहती हैं, “हाथी चतुर प्राणी होते हैं. वे बाड़ को छूने की कोशिश करेंगे, और जब उन्हें पता चलता है कि उसमें बिजली नहीं है, तो वे उस पर हमला कर देते हैं.  अगर किसान उन्हें भगाने की कोशिश करते हैं, जैसा कि शिका ने किया, तो हाथी कभी-कभी मुड़कर अपना बचाव करते हैं. केन्या वन्यजीव सेवा और मानव-हाथी संघर्ष पर नजर रखने वाले संरक्षण संगठनों का अनुमान है कि केन्या में हर साल हाथियों से संबंधित घटनाओं में 30-35 लोग मारे जाते हैं.

हाथियों को खेतों से दूर भगाने का कारगर उपाय बनी मधुमक्खियां

कभी-कभी समुदाय हाथियों को भाले से मारकर या ज़हर देकर जवाबी कार्रवाई करते हैं, लेकिन यहां के किसानों ने और भी उपाय खोज निकाले हैं. उनमें से एक उपाय है मधुमक्खियां. शिका कहते हैं कि हाथियों को मधुमक्खियों का डंक पसंद नहीं होता, इसलिए वे उन जगहों से दूर रहते हैं जहां उनके छत्ते होते हैं. सेव द एलीफेंट्स की मदद से शिका उन 50 किसानों में से एक हैं जिन्होंने अपने खेतों के चारों ओर खंभों के बीच तारों से मधुमक्खियों के छत्ते लटकाए है. अगर कोई हाथी तार को छू लेता है, तो छत्ते हिल जाते हैं, जिससे मधुमक्खियां परेशान हो जाती हैं. यह छोटे-छोटे सुरक्षा गार्डों की एक सेना है जो हाथियों को खेत से दूर रखती है.

शहद बेचकर किसानों की कमाई भी बढ़ रही

शिका कहते हैं कि छत्ते की बाड़ की तरह काम करने से मैं खेती जारी रख सकता हूं और शहद से भी जीविका कमा सकता हूं. इस साल, उन्होंने शहद बेचकर लगभग 250 अमेरिकी डॉलर कमाए हैं. फसल बदलने से भी फर्क पड़ सकता है. हाथियों को मक्का और तरबूज बहुत पसंद हैं. लेकिन तिल की गंध से वह दूर भागते हैं. तिल के पौधे एक ऐसी गंध छोड़ते हैं जो हाथियों को दूर भगाती है. 100 किसानों ने तिल की खेती शुरू कर दी है.

हाथियों को रोकने वाली कृषि पद्धतियों में मधुमक्खी पालन और तिल की खेती से किसानों के लिए जिंदगी बहुत आसान बना दी है. सेव द एलीफेंट्स की सदस्य युका लुवोंगा कहती हैं कि हमें इन हाथियों के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से रहना होगा और कम्यूनिटी में जागरूकता फैलानी होगी तथा उन्हें इन जानवरों के प्रति अपना नजरिया बदलने के लिए संवेदनशील बनाना होगा. तभी यहां के लोग और हाथी दोनों की जिंदगी आसान होगी.

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