राइस मिल मालिकों के बीच भ्रम की स्थिति! डेडलाइन बढ़ी पर FCI ने खरीद रोकी

हरियाणा में 2025-26 खरीफ सीजन के कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की आपूर्ति को लेकर राइस मिल मालिकों में भ्रम की स्थिति है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने CMR जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी है, जबकि FCI ने अगले आदेश तक CMR की खरीद रोक दी है. इससे राइस मिलर्स और खरीद एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है.

नोएडा | Updated On: 3 Aug, 2026 | 06:10 PM

Haryana News: हरियाणा में 2025-26 खरीफ सीजन के कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की आपूर्ति को लेकर राइस मिल मालिकों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है. एक ओर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने धान की मिलिंग और CMR जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने अपने जिला कार्यालयों को अगले आदेश तक CMR की खरीद और स्वीकार करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं.

हाल ही में विभाग के महानिदेशक (DG) ने सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों (DFSC) को जारी आदेश में बताया कि केंद्र सरकार ने धान की मिलिंग  और CMR को केंद्रीय पूल में जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी है. हालांकि, FCI के निर्देशों के कारण राइस मिल मालिकों में आगे की प्रक्रिया को लेकर असमंजस बना हुआ है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों (DFSC) को निर्देश दिया है कि वे अधिकारियों और राइस मिल मालिकों को धान की मिलिंग तेज करने और 30 सितंबर तक बची हुई कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की पूरी मात्रा FCI को सौंपने के लिए कहें. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद समय सीमा में कोई और बढ़ोतरी नहीं की जाएगी.

राज्यभर की राइस मिलों का निरीक्षण कराया

CMR नीति के अनुसार, राइस मिलों को दिसंबर से जून के बीच तय चरणों में चावल सरकार को देना था. इसके बावजूद अब तक बड़ी मात्रा में CMR की आपूर्ति नहीं हो सकी है. लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले राइस मिल मालिकों को विभाग पहले ही नोटिस जारी कर चुका है. बाद में मिल मालिकों  की मांग पर समय सीमा बढ़ाने पर विचार किया गया. इसके लिए सरकार ने कई टीमों का गठन कर राज्यभर की राइस मिलों का निरीक्षण कराया. इन टीमों ने मिलों में धान और CMR के स्टॉक की जांच की और यह देखा कि कितनी मात्रा की आपूर्ति अभी बाकी है.

CMR जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने CMR जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है, लेकिन इसी बीच FCI के हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय ने अपने जिला प्रबंधकों को अगले आदेश तक चावल/CMR की आपूर्ति स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए हैं. FCI ने इस फैसले की कोई वजह नहीं बताई है. इस विरोधाभासी स्थिति से राइस मिल मालिकों और खरीद एजेंसियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है. करनाल राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राज कुमार गुप्ता ने कहा कि एक विभाग मिलों से CMR की आपूर्ति तेज करने को कह रहा है, जबकि FCI उसे स्वीकार ही नहीं कर रहा है.

खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है

उन्होंने बताया कि इस सीजन में भी राइस मिलों को CMR जमा कराने में काफी परेशानी हुई. FCI गोदामों में जगह की कमी के कारण अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जैसे जिलों की राइस मिलों को भी करनाल के गोदामों से जोड़ा गया, जिससे वहां भारी भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन गई. करनाल राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने FCI से जल्द से जल्द कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की आपूर्ति स्वीकार करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि FCI जल्द खरीद शुरू नहीं करता, तो राइस मिल मालिकों को CMR जमा करने में और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा. इससे सरकार की खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.

Published: 3 Aug, 2026 | 11:01 PM

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