खनौरी बॉर्डर पर किसानों का धरना खत्म, केंद्र ने बातचीत के लिए बुलाया.. 4 सितंबर को होगी बैठक
खनौरी बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन में बड़ा मोड़ आया है. केंद्र सरकार के बातचीत के न्योते के बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया और अर्धनग्न होकर दिल्ली कूच का कार्यक्रम टाल दिया. अब 4 सितंबर को तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसानों की अहम बैठक होगी.
खनौरी बॉर्डर पर पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रहे पंजाब के किसानों ने फिलहाल अपना धरना खत्म कर दिया है. केंद्र सरकार की ओर से बातचीत का औपचारिक न्योता मिलने के बाद किसानों ने हरियाणा के रास्ते कमीजें उतारकर दिल्ली कूच करने का कार्यक्रम भी टाल दिया है. अब किसानों और केंद्र सरकार के बीच 4 सितंबर को अहम बैठक होगी. इस बैठक में तीन केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे, जिनमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के भी मौजूद रहने की बात सामने आई है. हालांकि बैठक का स्थान अभी तय नहीं हुआ है.
55 किसानों को बॉर्डर पर रोका गया था
दरअसल, तीन दिन पहले पंजाब से 55 किसानों का जत्था दिल्ली की ओर रवाना हुआ था. किसानों को खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने रोक दिया था. इसके बाद किसानों और जींद की डीसी वैशाली शर्मा के बीच दो दौर की बातचीत हुई. किसानों ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तत्काल कोई समाधान नहीं निकल पाया. इसके बाद किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर ही पक्का मोर्चा लगाने का फैसला किया और पंजाब की तरफ धरने पर बैठ गए.
कमीजें उतारकर दिल्ली कूच का किया था ऐलान
प्रशासन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया था. किसानों ने हरियाणा के रास्ते कमीजें उतारकर दिल्ली कूच करने की तैयारी की थी. इस कदम के जरिए किसान केंद्र सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाना चाहते थे. इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की पहल हुई और 4 सितंबर की बैठक का औपचारिक न्योता किसानों को दिया गया. न्योता मिलने के बाद किसानों ने दिल्ली कूच का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर किसानों की आपत्ति
किसानों का मौजूदा आंदोलन भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर है. किसान इस समझौते के संभावित प्रभावों पर अपनी आपत्तियां केंद्र सरकार के सामने रखना चाहते हैं. उनका कहना है कि ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों पर किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. 4 सितंबर को होने वाली बैठक में किसान अपनी मांगों और ट्रेड डील से जुड़े सवालों पर सरकार के सामने विस्तार से अपना पक्ष रखेंगे. बैठक में तीन केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की जानकारी है.
बातचीत से फिलहाल टला टकराव
किसानों को हरियाणा बॉर्डर पर रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही थी. प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच दो दौर की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन सकी थी. इसके बाद किसानों ने आंदोलन को उग्र करने की तैयारी शुरू कर दी थी. अब केंद्र से बातचीत का न्योता मिलने के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है. 4 सितंबर की बैठक में होने वाली बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है. इस बैठक के बाद किसान आगे की रणनीति तय करेंगे और आंदोलन जारी रखना है या नहीं, इस पर फैसला लिया जाएगा.