Kisan Andolan: भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोके जाने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और किसानों को प्रदर्शन करने से रोकना किसी समस्या का समाधान नहीं है. मान का कहना है कि सरकार को किसानों की आवाज सुननी चाहिए और बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए.
किसानों को दिल्ली जाने से न रोकें
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि किसान भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करना चाहते हैं. ऐसे में उन्हें शंभू बॉर्डर पर रोकने की बजाय दिल्ली जाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी जानी चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील करते हुए कहा कि किसानों की बात सुनना लोकतंत्र की जिम्मेदारी है.
बातचीत से ही निकलेगा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आंदोलन को सिर्फ बल प्रयोग या लोगों को रोककर खत्म नहीं किया जा सकता. उनका कहना है कि अगर किसानों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाए और सरकार उनसे खुलकर बातचीत करे, तभी किसी समस्या का सही और स्थायी समाधान निकल सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार को टकराव की बजाय बातचीत और आपसी सहमति का रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि किसानों की समस्याओं का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान हो सके.
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— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) July 21, 2026
पुरानी स्थिति दोहराने से बचने की सलाह
भगवंत मान ने कहा कि पहले भी किसान आंदोलन लंबे समय तक चला था, जिससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. उनका कहना है कि अगर इस बार भी किसानों को बॉर्डर पर रोका गया, तो हालात फिर से वैसे ही बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को समय रहते किसानों से बातचीत करनी चाहिए, ताकि विवाद बढ़ने से पहले ही उसका समाधान निकाला जा सके. उनके मुताबिक, बातचीत से ही समस्या का शांतिपूर्ण समाधान संभव है.
NEET परीक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
किसानों के मुद्दे के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं. उनका कहना था कि छात्रों को केवल परीक्षा का तनाव कम करने की सलाह देना काफी नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना भी जरूरी है.
धार्मिक अपमान विरोधी कानून पर भी बोले
भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार प्रस्तावित धार्मिक अपमान (एंटी-सैक्रिलेज) कानून को लेकर सभी संबंधित पक्षों से राय ले रही है. उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) समेत अन्य संगठनों के सुझावों पर विचार किया जा रहा है. अगर महाधिवक्ता किसी बदलाव की जरूरत बताएंगे तो कानून में आवश्यक संशोधन भी किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध जताना हर नागरिक का अधिकार है. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज करने या उन्हें रोकने के बजाय सरकार को बातचीत की मेज पर आना चाहिए.