खाद का सही इस्तेमाल करना सिखाएंगे वैज्ञानिक, इस दिन से शुरू हो रहा है ‘खेत बचाओ अभियान’

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेत बचाओ अभियान की घोषणा की, जिसमें वैज्ञानिक मिट्टी जांच और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर है. यह 1 जून से 15 दिन चलेगा. खरीफ कॉन्फ्रेंस में प्राकृतिक खेती पर चर्चा होगी. बैठक में खाद्य तेल जागरूकता, संसाधन बचत और एक साल सोना न खरीदने का स्वैच्छिक संकल्प भी लिया गया.

नोएडा | Published: 18 May, 2026 | 06:45 PM

Natural farming: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खेती में प्राकृतिक तरीके और रासायनिक खाद का सही संतुलन जरूरी है. इसी दिशा में कृषि विभाग और आईसीएआर ने ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है. इस अभियान के तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर मिट्टी की जांच करेंगे और किसानों को बताएंगे कि उनकी जमीन के अनुसार कौन-सा खाद, कितनी मात्रा में और कब इस्तेमाल करना चाहिए. इसका मकसद जरूरत से ज्यादा खाद के इस्तेमाल को रोकना और विदेशों से आने वाले खाद पर निर्भरता कम करना है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘खेत बचाओ अभियान’ 1 जून से शुरू होकर 15 दिनों तक पूरे देश में चलाया जाएगा. इस दौरान अभियान को ज्यादा संगठित और असरदार बनाया जाएगा. राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों को जागरूक किया जाएगा कि उन्हें जरूरत के अनुसार ही खाद का इस्तेमाल  करें और बेकार इस्तेमाल से रोकें. इस पहल का मकसद खेती की लागत कम करना और मिट्टी की सेहत को सुरक्षित रखना है, ताकि कृषि उत्पादन लंबे समय तक टिकाऊ बना रहे.

संतुलित खाद के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा

खास बात यह है कि खरीफ सीजन की तैयारियों को भी इस रणनीति से जोड़ा गया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 28 और 29 मई को होने वाली खरीफ कॉन्फ्रेंस में संतुलित खाद के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके साथ ही प्राकृतिक खेती  को बढ़ावा देने के लिए एक अलग विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा. इस सत्र में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि वे प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव और व्यवहारिक तरीके राज्यों के साथ साझा कर सकें.

छोटे-छोटे कदम भी देश के लिए बड़े परिणाम दे सकते हैं

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में छोटे-छोटे कदम भी देश के लिए बड़े परिणाम दे सकते हैं. उन्होंने बताया कि बचत करना, संयम रखना और संसाधनों का सही इस्तेमाल करना सिर्फ आर्थिक जरूरत नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है. उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी प्रयासों के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खेती, खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आजीविका पर किसी भी तरह का नकारात्मक असर न पड़े.

एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे अधिकारी

दरअसल, नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान  ने ये बातें कहीं. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान के आग्रह पर यह फैसला लिया कि वे अगले एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे. इसमें केवल बेटी की शादी या किसी जरूरी पारिवारिक स्थिति को छूट दी गई है. साथ ही बैठक में खाद्य तेल के उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर तय किया गया कि लोगों को खाद्य तेल का संतुलित और सही उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा. इसका उद्देश्य ज्यादा तेल खाने की आदत को कम करना, लोगों की सेहत में सुधार करना और देश की खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता घटाना है. इसके अलावा यह भी तय किया गया कि तिलहन और खाद्य तेल के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए चल रहे कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा.

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