चीनी मिलों के गोदामों में जमाखोरी मिलने पर भड़का खाद्य मंत्रालय, बिक्री कोटा नियम बदले

केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को कोटा वितरण नियमों में बदलाव की घोषणा की है. खाद्य मंत्रालय ने कहा कि कुछ चीनी मिलों में जमाखोरी पाई गई है, जो सीधे नियमों का उल्लंघन है. इससे बाजार में उपलब्धता में दिक्कतें देखी गई हैं. इसकी रोकथाम के लिए कड़े फैसले लिए गए हैं.

नोएडा | Updated On: 28 Aug, 2026 | 06:08 PM

केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए और कृत्रिम किल्लत रोकने के लिए सितंबर से मिलों को चीनी कोटा वितरण नियम में बदलाव कर दिया है. सरकार ने कहा है कि अब मिलों को पखवाड़े के हिसाब से चीनी का बिक्री कोटा दिया जाएगा. खाद्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि चीनी मिलों के गोदामों में जांच के दौरान कुछ जगहों पर तय मानक से ज्यादा चीनी का भंडारण मिला, जो जमाखोरी है और नियमों का उल्लंघन है.

खाद्य मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान कहा गया कि वह चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर करीबी नजर रख रहा है तथा देश में चीनी की कोई कमी नहीं है. सरकार ने शुक्रवार को कहा कि चीनी की खुदरा कीमतों में नरमी आनी शुरू हो गई है और मिल स्तर पर कीमतें पिछले कुछ दिनों में करीब 20 फीसदी घट चुकी हैं. वहीं, चीनी की खुदरा कीमतों में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है.

चीनी मिलों और थोक खरीदारों के यहां जांच में मिली गड़बड़ियां

बयान के अनुसार चीनी मिलों में मौजूद स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया. इसमें कुछ मिलों के पास मासिक रिटर्न में घोषित मात्रा से अधिक भंडार पाया गया, जबकि कुछ मिलों ने उन्हें आवंटित मासिक कोटे से कम चीनी बेची. कुछ मामलों में महीने की शुरुआत में मिलों द्वारा बेची गई चीनी की आपूर्ति या खरीदारों की ओर से उठान महीने के अंत में किया जा रहा था. इससे बाजार में कृत्रिम किल्लत की स्थिति पैदा हुई.

सितंबर से पखवाड़े के हिसाब से मिलेगा चीनी का कोटा

मंत्रालय ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सितंबर से पखवाड़े के आधार पर कोटा व्यवस्था लागू की जाएगी. अभी 30 दिन यानी एक महीने के हिसाब से बिक्री कोटा दिया जाता था. नए बदलाव के तहत मिलों को पहले सप्ताह में आवंटित मात्रा की कम-से-कम 40 फीसदी चीनी बेचनी होगी और शेष मात्रा अगले सप्ताह में बेचनी होगी. इस पहल से मांग और आपूर्ति की स्थिति पर बेहतर नजर रखने, बाजार परिस्थितियों में बदलाव के अनुरूप तेजी से कदम उठाने और कृत्रिम किल्लत रोकने में मदद मिलेगी. जरूरत पड़ने पर बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त भंडार जारी किया जा सकेगा.

7 दिन में मिलों को चीनी आपूर्ति करने के निर्देश

मंत्रालय ने कहा कि मिलों को बिक्री के 7 दिन के भीतर चीनी की मिल से आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. पखवाड़ा-आधारित कोटा और सात दिन के भीतर अनिवार्य आपूर्ति से पूरी आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होने की उम्मीद है. सरकार ने थोक उपभोक्ताओं से भी कहा है कि वे अपनी परिचालन जरूरतों से अधिक चीनी का भंडार न रखें.

मंत्रालय ने कहा कि घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता पक्की करने के लिए सरकार ने हाल में कई कदम उठाए हैं. इनमें 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति और डीलरों एवं पेय पदार्थ विनिर्माताओं जैसे थोक उपभोक्ताओं पर भंडार सीमा लगाना शामिल है. चीनी के निर्यात पर कुछ महीने पहले ही रोक लगाई जा चुकी है.

मिल स्तर पर चीनी के भाव में 20 फीसदी की गिरावट

मंत्रालय ने कहा कि इन कदमों के बाद मिल स्तर पर चीनी की कीमतें हाल के दिनों में करीब 20 फीसदी घट गई हैं और खुदरा कीमतों में भी नरमी शुरू हो गई है. आपूर्ति श्रृंखला में कीमतों में बदलाव का असर होने के कारण खुदरा कीमतों में भी जल्द गिरावट आने की उम्मीद है. मंत्रालय ने कहा कि मिल स्तर और खुदरा कीमतों में गिरावट का रुख बताता है कि हाल की तेजी मुख्य रूप से ‘जमाखोरी और सट्टेबाजी’ का नतीजा थी. उसने कहा कि देश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है और घबराकर खरीदारी करने या जरूरत से ज्यादा भंडार रखने का कोई औचित्य नहीं है.

Published: 28 Aug, 2026 | 06:06 PM

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