चीनी की कीमतों में तेजी जारी, देशभर में 64 रुपये के पार पहुंचा औसत खुदरा भाव
केंद्र सरकार के कई कदमों के बावजूद चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, रविवार को देश में चीनी का औसत खुदरा भाव 64.24 रुपये प्रति किलो पहुंच गया. एक महीने में कीमत करीब 30 फीसदी बढ़ी है. शुल्क-मुक्त आयात के बावजूद खुदरा और थोक बाजार में चीनी महंगी हो रही है.
Sugar Price Hike: चीनी की बढ़ती कीमतों से लोगों को राहत नहीं मिल रही है. केंद्र सरकार के कई कदमों के बावजूद चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, रविवार को देश में चीनी का औसत खुदरा भाव बढ़कर 64.24 रुपये प्रति किलो पहुंच गया. एक हफ्ते पहले चीनी का औसत भाव 63.12 रुपये प्रति किलो था. यानी एक सप्ताह में कीमत करीब 1.77 फीसदी बढ़ी है. वहीं, एक महीने पहले के मुकाबले चीनी करीब 30 फीसदी महंगी हो चुकी है. पिछले साल इसी अवधि की तुलना में इसका भाव 38.63 फीसदी ज्यादा है.
चीनी के दाम में राहत नहीं
30 अगस्त को चीनी का अधिकतम खुदरा भाव 74 रुपये प्रति किलो, जबकि न्यूनतम भाव 40 रुपये प्रति किलो रहा. बड़े शहरों की बात करें तो दिल्ली में 62 रुपये, मुंबई में 66 रुपये, चेन्नई में 63 रुपये और रांची में 68 रुपये प्रति किलो चीनी बिकी. थोक बाजार में भी चीनी की कीमत बढ़कर 59.73 रुपये प्रति किलो हो गई, जो एक सप्ताह पहले 58.66 रुपये थी. यानी एक हफ्ते में थोक भाव करीब 1.8 फीसदी बढ़ा है. एक महीने की तुलना में थोक कीमत करीब 31 फीसदी और पिछले साल के मुकाबले 38.63 फीसदी ज्यादा है.
खुदरा और एक्स-मिल भाव में 7-8 रुपये का अंतर
हालांकि, सरकार की ओर से 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दिए जाने के बाद मिल स्तर यानी एक्स-मिल कीमत में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है. इसके बावजूद खुदरा और थोक बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं. उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, एक्स-मिल और थोक कीमत के बीच 2-3 रुपये प्रति किलो और एक्स-मिल तथा खुदरा कीमत के बीच 7-8 रुपये प्रति किलो का अंतर सामान्य माना जाता है.
चीनी के दाम रोकने के लिए सरकार के कई कदम
सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसके तहत कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देने के साथ थोक खरीदारों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा भी सख्त की गई है. इससे पहले घरेलू बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रखने के लिए सरकार ने चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा दी थी. केंद्र सरकार का कहना है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कुछ चीनी मिलें कीमतों को बढ़ा रही हैं. हालांकि, 2025-26 मार्केटिंग ईयर में चीनी उत्पादन करीब 306 लाख टन रहने का अनुमान है. यह पहले लगाए गए 343 लाख टन के अनुमान से काफी कम है. वहीं, देश में हर साल चीनी की घरेलू खपत करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है.