तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में अल नीनो और कम बारिश की वजह से रेशम के कोकून कारोबार पर बुरा असर पड़ा है. कारोबार में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट बताई जा रही है. हालांकि, बाजार में कोकून की मांग बनी हुई है. इसकी कीमत करीब 812 रुपये प्रति किलो रही, जबकि अधिकतम भाव 913 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया. दरअसल, धर्मपुरी में रेशम का कोकून एक प्रमुख कुटीर उद्योग है. जिले में सैकड़ों किसान इससे जुड़े हैं. यहां कोकून उत्पादन अधिक होने के कारण करीब 1,750 एकड़ में शहतूत की खेती होती है, जिसका इस्तेमाल रेशम के कीड़े पालने के लिए किया जाता है.
हालांकि, कम बारिश का सीधा असर शहतूत की खेती पर पड़ा है. किसानों के मुताबिक, अल नीनो के कारण बारिश की कमी से शहतूत के खेतों में 60 फीसदी से ज्यादा का नुकसान हुआ है. इससे आने वाले समय में कोकून उत्पादन और कारोबार पर दबाव बढ़ने की आशंका है.
पानी की कमी से शहतूत की खेती प्रभावित
मधिकोणपालयम के रेशम किसान एम. विजयकुमार ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि पानी की कमी के कारण किसान शहतूत की खेती नहीं कर पा रहे हैं. शहतूत के पत्ते रेशम के कीड़ों का मुख्य भोजन हैं. पर्याप्त भोजन नहीं मिलने से कीड़ों को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता और उनमें से कई प्यूपा बनने से पहले ही मर जाते हैं. उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण रेशम के कीड़ों वाले शेड का तापमान भी नियंत्रित नहीं हो पा रहा है. ज्यादा गर्मी से भी कीड़ों की मौत हो रही है. इसका सीधा असर रेशम के कोकून के उत्पादन और बाजार पर पड़ा है. किसान पानी की कमी, शहतूत की घटती खेती और बढ़ती गर्मी को इसकी मुख्य वजह बता रहे हैं.
धर्मपुरी के कोकून बाजार में आवक 50 फीसदी घटी
धर्मपुरी के रेशम कोकून बाजार में पिछले एक सप्ताह से कोकून की आवक करीब 50 फीसदी घट गई है. बाजार के जूनियर असिस्टेंट पी. अशोक ने कहा कि आमतौर पर रोजाना करीब 2,000 से 2,500 किलो कोकून की आवक होती है. लेकिन पिछले एक हफ्ते से यह घटकर सिर्फ 1,000 से 1,200 किलो रह गई है. उन्होंने कहा कि बाजार में कोकून की सप्लाई कम होने के बावजूद मांग बनी हुई है, जिसके कारण कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. सप्लाई में कमी का असर कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
धर्मपुरी में कोकून के दाम बढ़े, औसत भाव 813 रुपये किलो पहुंचा
धर्मपुरी के रेशम कोकून बाजार में मंगलवार को करीब 1,300 किलो कोकून की नीलामी हुई. बाजार में कोकून का अधिकतम भाव 913 रुपये प्रति किलो, जबकि न्यूनतम भाव 608 रुपये रहा. औसत कीमत करीब 813 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई. उत्पादन घटने के कारण कोकून की औसत कीमत में करीब 100 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. रेशम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कोकून उत्पादन में यह गिरावट अल नीनो के असर और बारिश की कमी का सीधा नतीजा है. अधिकारियों ने बताया कि शहतूत सूखा सहन कर सकता है, लेकिन अच्छी पैदावार के लिए उसे पर्याप्त पानी की जरूरत होती है. इस समय पानी की कमी के कारण शहतूत का उत्पादन घट गया है, जिससे कोकून की सप्लाई भी प्रभावित हुई है.