यूपी सरकार का बड़ा यू-टर्न, चीनी के दाम पर 5000 रुपये की सीमा वाला आदेश लिया वापस

उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमत 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर बनी हुई है, जबकि सरकार ने इसी सीमा से जुड़ा आदेश वापस ले लिया है. महाराष्ट्र में चीनी के मिल भाव 4,200 रुपये तक पहुंच गए हैं. केंद्र के शुल्क मुक्त आयात और अन्य कदमों के बाद देशभर में चीनी की कीमतों में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई है.

नोएडा | Updated On: 4 Sep, 2026 | 07:56 AM

उत्तर प्रदेश सरकार ने चीनी की कीमत को अधिकतम 5,000 रुपये प्रति क्विंटल तय करने वाला आदेश वापस ले लिया है. इससे पहले त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया था. यह आदेश बिजनौर के कलेक्टर ने जारी किया था, जो पूरे उत्तर प्रदेश में लागू था. कलेक्टर ने बताया था कि चीनी की कीमत तय करने का फैसला राज्य के मुख्य सचिव के साथ हुई वर्चुअल बैठक के बाद लिया गया था. हालांकि, चीनी मिलों ने इस आदेश पर आपत्ति जताई. मिलों का कहना था कि यह आदेश कानून के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है. इसके बाद सरकार ने इसे वापस ले लिया.

इसी बीच महाराष्ट्र में मिल स्तर पर चीनी की कीमत घटकर करीब 4,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. खुदरा कीमतों में भी और गिरावट आई है, जबकि थोक कीमतों में कमी कुछ ही शहरों में देखने को मिली है. उत्तर प्रदेश में इस समय चीनी मिलों  के भाव 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर चल रहे हैं. बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारी इन कीमतों पर भी चीनी खरीद रहे हैं और मिलें 5,000 रुपये से नीचे भाव करने के लिए तैयार नहीं हैं.

देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 62.33 रुपये प्रति किलो हुई

वहीं, महाराष्ट्र में कुछ मिलों ने S-30 ग्रेड की चीनी 4,200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेची. इसमें टैक्स शामिल नहीं है. कुछ अन्य मिलों ने S-30 ग्रेड की चीनी 4,300 रुपये से 4,500 रुपये और M-30 ग्रेड की चीनी 4,300 रुपये से 4,600 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर ऑफर की. उपभोक्ता मामलों के विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग डिविजन के आंकड़ों के मुताबिक, देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत  घटकर 62.33 रुपये प्रति किलो रह गई है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों और शहरों में चीनी के खुदरा भाव में काफी अंतर है. देशभर में इसकी कीमत करीब 43 रुपये से 85 रुपये प्रति किलो के बीच दर्ज की गई.

चीनी के थोक भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट

चीनी के थोक भाव में 50 रुपये से 100 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई है. हालांकि, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में चीनी की कीमतें अभी भी स्थिर बनी हुई हैं. इसी बीच, खाद्य मंत्रालय ने गुरुवार को देश की चीनी मिलों से 20 से 31 अगस्त के बीच हुई चीनी बिक्री की जानकारी मांगी है. मंत्रालय ने बुधवार को 20 से 25 अगस्त तक की बिक्री का ब्योरा मांगा था. अब नए आदेश के जरिए इस अवधि को बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया है.

शुल्क मुक्त आयात के बाद चीनी के दाम 30 फीसदी घटे

केंद्र सरकार की ओर से 21 अगस्त को 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने के बाद से चीनी की कीमतों में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई है. यह अनुमति 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी. खुदरा कीमतें 70 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंचने के बाद सरकार ने चीनी मिलों के लिए बिक्री कोटा जारी करने का तरीका भी बदल दिया है. अब मासिक कोटा की जगह हर 15 दिन में बिक्री का कोटा तय किया जा रहा है. सरकार ने निर्देश दिया है कि तय कोटे की 40 फीसदी चीनी पहले सप्ताह में और बाकी 60 फीसदी दूसरे सप्ताह में बेची जाए.

जमाखोरी रोकने के लिए कारोबारियों के ठिकानों पर जांच

चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. अलग-अलग राज्यों में कारोबारियों के ठिकानों पर जांच की जा रही है, ताकि चीनी की जमाखोरी का पता लगाया जा सके. इसके साथ ही चीनी मिलों के पास मौजूद स्टॉक पर भी नजर रखी जा रही है. सरकार ने उन थोक खरीदारों के लिए स्टॉक की सीमा घटाकर 15 दिन की जरूरत के बराबर कर दी है, जो हर महीने 10 टन से ज्यादा चीनी खरीदते हैं. कारोबारियों के लिए स्टॉक की सीमा 200 टन तय की गई है. हालांकि, कोलकाता और पूर्वोत्तर राज्यों के कारोबारियों को इससे बाहर रखा गया है.

 

Published: 4 Sep, 2026 | 07:50 AM

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