Animal Husbandry: सिर्फ नमक-गुड़ से नहीं चलेगा काम! जानें कैसे मिनरल मिक्सचर बढ़ाएगा पशु का दूध
Dairy Farming Advisory: केवल नमक या गुड़ खिलाना पशुओं की खनिज जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है. जरूरी मिनरल्स की कमी से दूध उत्पादन घट सकता है और पशु की सेहत पर भी असर पड़ता है. पशुपालन एवं डेयरी विभाग (Department of Animal Husbandry & Dairying) के अनुसार पशुओं के आहार में संतुलित मिनरल मिश्रण शामिल करना बेहद जरूरी है, ताकि वे स्वस्थ रहें और उत्पादन बेहतर हो सके.
अक्सर पशुपालक मानते हैं कि नमक या गुड़ देने से पशुओं की सभी पोषण जरूरतें पूरी हो जाती हैं, लेकिन यह सही नहीं है. पशुओं को कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक जैसे कई जरूरी खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है, जो केवल नमक या गुड़ से पूरी नहीं होती.
अगर पशु के शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाए, तो उसका सीधा असर दूध की मात्रा और गुणवत्ता पर पड़ता है. पशु कमजोर पड़ सकता है और उसकी कार्यक्षमता भी घट सकती है.
जब पशुओं के आहार में संतुलित मिनरल मिश्रण शामिल किया जाता है, तो उनकी हड्डियां मजबूत बनती हैं और शरीर का विकास सही तरीके से होता है. खासकर बढ़ते हुए बछड़ों और दुधारू पशुओं के लिए कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे खनिज बेहद जरूरी होते हैं. इससे पशु लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय बने रहते हैं.
मिनरल्स पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. संतुलित खनिज आहार देने से पशु संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाते हैं. अगर पशु बीमार भी पड़ जाए, तो वह जल्दी ठीक हो जाता है और इलाज पर खर्च भी कम आता है.
पशुओं को सही मात्रा में मिनरल मिलने से उनकी प्रजनन क्षमता में सुधार होता है. गर्भधारण की संभावना बढ़ती है और गर्भपात जैसी समस्याएं कम होती हैं. साथ ही, जन्म लेने वाले बछड़े ज्यादा स्वस्थ और मजबूत होते हैं, जिससे भविष्य में अच्छा दूध उत्पादन सुनिश्चित होता है.
जब पशु पूरी तरह स्वस्थ और पोषित होते हैं, तो उनका दूध उत्पादन स्थिर और अधिक रहता है. दूध की गुणवत्ता भी बेहतर होती है, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिलती है. इसका सीधा फायदा पशुपालकों की आय पर पड़ता है और डेयरी व्यवसाय ज्यादा लाभदायक बनता है.