गोबर बना गरीबों का वरदान! खाना पकाने से लेकर बिजली तक.. जानें कैसे एक प्लांट बदल सकता है आपकी जिंदगी

Biogas Plant: गाय का गोबर, नाम सुनते ही आमतौर पर लोगों को खेत-खलिहान या खाद की याद आती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही गोबर आज गांवों में ऊर्जा क्रांति ला रहा है? जी हां, गाय के गोबर से बनने वाली बायोगैस ना सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि ये खाना पकाने, बिजली बनाने और यहां तक कि गाड़ियों में ईंधन के रूप में भी इस्तेमाल हो रही है. ऐसे में आइए जानें, कैसे गोबर बना रहा है देश को आत्मनिर्भर और गांवों को ऊर्जा से भरपूर.

नोएडा | Published: 29 Jul, 2025 | 01:39 PM
1 / 6गाय के गोबर से बनने वाली बायोगैस ग्रामीण इलाकों के लिए वरदान है. यह सस्ता, नया और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है, जो लकड़ी और गैस सिलेंडर का बढ़िया विकल्प बन चुका है.

गाय के गोबर से बनने वाली बायोगैस ग्रामीण इलाकों के लिए वरदान है. यह सस्ता, नया और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है, जो लकड़ी और गैस सिलेंडर का बढ़िया विकल्प बन चुका है.

2 / 6बायोगैस में लगभग 50-70% मीथेन गैस होती है, जो खाना पकाने, बिजली उत्पादन और वाहनों में बायो-CNG के रूप में इस्तेमाल की जाती है. इससे ऊर्जा की बचत और खर्च में कटौती होती है.

बायोगैस में लगभग 50-70% मीथेन गैस होती है, जो खाना पकाने, बिजली उत्पादन और वाहनों में बायो-CNG के रूप में इस्तेमाल की जाती है. इससे ऊर्जा की बचत और खर्च में कटौती होती है.

3 / 6बायोगैस प्लांट में गाय का गोबर और पानी मिलाकर डाला जाता है. वहां हवा नहीं होती, तो कुछ छोटे-छोटे जीव उस गोबर को गला देते हैं. इस प्रक्रिया से गैस बनती है, जिसे इकठ्ठा करके ईंधन की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

बायोगैस प्लांट में गाय का गोबर और पानी मिलाकर डाला जाता है. वहां हवा नहीं होती, तो कुछ छोटे-छोटे जीव उस गोबर को गला देते हैं. इस प्रक्रिया से गैस बनती है, जिसे इकठ्ठा करके ईंधन की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

4 / 6बायोगैस का इस्तेमाल लकड़ी, कोयला और डीज़ल जैसी चीज़ों की खपत घटाता है, जिससे पेड़ों की कटाई रुकती है और प्रदूषण में कमी आती है. यह स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक बड़ा कदम है.

बायोगैस का इस्तेमाल लकड़ी, कोयला और डीज़ल जैसी चीज़ों की खपत घटाता है, जिससे पेड़ों की कटाई रुकती है और प्रदूषण में कमी आती है. यह स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक बड़ा कदम है.

5 / 6बायोगैस प्लांट से गैस के साथ-साथ उत्तम गुणवत्ता की जैविक खाद भी मिलती है. किसान इसे बेचकर अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं. सरकार इसके लिए सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी देती है.

बायोगैस प्लांट से गैस के साथ-साथ उत्तम गुणवत्ता की जैविक खाद भी मिलती है. किसान इसे बेचकर अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं. सरकार इसके लिए सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी देती है.

6 / 6केवल 2-3 गायों के गोबर से एक छोटा बायोगैस प्लांट शुरू किया जा सकता है. सरकार और स्थानीय संस्थाएं इसकी स्थापना में मदद करती हैं, जिससे यह ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन रहा है.

केवल 2-3 गायों के गोबर से एक छोटा बायोगैस प्लांट शुरू किया जा सकता है. सरकार और स्थानीय संस्थाएं इसकी स्थापना में मदद करती हैं, जिससे यह ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन रहा है.