मॉडर्न तकनीक से बढ़ेगी फसल की पैदावार, बिहार में डिजिटल कृषि निदेशालय का उद्घाटन
Digital Agriculture Directorate Bihar: बिहार के किसानों के लिए खेती अब और भी आसान और स्मार्ट होने वाली है. पटना में आज कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने डिजिटल कृषि निदेशालय का उद्घाटन किया है, जो किसानों को नई तकनीक और आधुनिक मशीनों से जोड़ने में मदद करेगा. अब किसान मिट्टी की जांच, फसल की जानकारी और कृषि यंत्रों का इस्तेमाल सीधे डिजिटल तरीके से कर सकेंगे. इससे फसल की पैदावार बढ़ेगी और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी. इसी कड़ा में आइए आगे जानते हैं कि यह नई पहल किसानों के लिए कैसे फायदेमंद साबित होने वाली है.
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बिहार में डिजिटल कृषि निदेशालय का उद्घाटन किया, जो किसानों को रियल-टाइम डेटा और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा. इसका मुख्य उद्देश्य फसल, मौसम और उत्पादन संबंधी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है.
बिहार के 12 बीज केंद्रों में अब मॉडल कस्टम हायरिंग सेंटर खुल गए हैं. इन सेंटरों में किसान 25 अलग-अलग आधुनिक खेती के यंत्र सीधे इस्तेमाल कर पाएंगे. इससे बीज बनाने की गुणवत्ता सुधरेगी और फसल की पैदावार भी बढ़ेगी.
राज्य के 25 जिलों में 32 अनुमंडलों में मिट्टी की जांच के लिए रिसर्च लैब स्थापित की गई हैं. इसका उद्देश्य मिट्टी को स्वस्थ रखना और रासायनिक उर्वरकों के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल को रोकना है. स्वस्थ मिट्टी का मतलब अच्छी फसल, यही सीधा फायदा किसानों को मिलेगा.
डिजिटल कृषि निदेशालय के जरिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री जैसे प्रोजेक्ट चलाए जाएंगे. इससे हर फसल का सही आंकलन होगा, कितनी भूमि में फसल लगी, उत्पादन कितना होगा और योजनाओं की पारदर्शिता भी बढ़ेगी.
ड्रोन तकनीक, डिजिटल सॉइल हेल्थ कार्ड और मोबाइल एप्स के जरिए किसान अब फसल कटनी, उत्पादन का पूर्वानुमान और पौधा सुरक्षा के काम आसानी से कर पाएंगे. खेती अब स्मार्ट, तेज और प्रभावी बन जाएगी.
डिजिटल निदेशालय और मॉडल हायरिंग सेंटरों के जरिए किसान सीधे प्रशिक्षण पाएंगे और कृषि यंत्र इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे फसल की गुणवत्ता बढ़ेगी, पैदावार अच्छी होगी और किसान की आय में भी बढ़ोतरी होगी.