Budget 2026 में पशुपालकों की बल्ले-बल्ले! गांव-गांव पहुंचेगा इलाज, 20,000 पशु डॉक्टरों का ऐलान
Budget 2026: गांव की तरक्की और किसानों की कमाई का रास्ता अब और मजबूत होने वाला है. बजट 2026 में सरकार ने पशुपालन सेक्टर के लिए ऐसा ऐलान किया है, जो सीधे पशुपालकों की जिंदगी से जुड़ा है. इलाज की परेशानी से लेकर आमदनी बढ़ाने तक, इस बजट में गांव और पशुओं दोनों के लिए बड़ी राहत छिपी है.
बजट 2026 में सरकार ने पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या 20 हजार से ज्यादा करने का ऐलान किया है. इससे गांवों और दूरदराज के इलाकों में पशुओं के इलाज की बड़ी समस्या काफी हद तक दूर होगी.
पशु डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से पशुओं का समय पर इलाज संभव होगा. इससे दूध उत्पादन, पशुओं की सेहत और पशुपालकों की आमदनी में सुधार होगा.
वित्त मंत्री ने बताया कि पशुधन क्षेत्र कृषि आय में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान देता है. खास बात यह है कि इससे गरीब और सीमांत परिवारों को नियमित रोजगार और आय मिलती है.
सरकार पशु अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब, प्रजनन केंद्र और पैरा-वेटनरी कॉलेज के लिए लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना शुरू करेगी, जिससे निजी निवेश बढ़ेगा.
पशु-चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए भारतीय और विदेशी संस्थानों के बीच साझेदारी को आसान किया जाएगा. इससे नई तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध होगा.
पशुचारा और बिनौले की आपूर्ति करने वाली सहकारी संस्थाओं को भी टैक्स कटौती का लाभ मिलेगा. इससे डेयरी और पशुपालन से जुड़ी सप्लाई चेन मजबूत होगी और लागत घटेगी.