Dairy Farming Tips: इस तरह दिया हरा चारा तो गाय हो जाएगी बीमार, घटेगा दूध और मुनाफा होगा जीरो!
Dairy Farming Tips: अगर आप गौपालन को मुनाफे का बिजनेस बनाना चाहते हैं, तो सिर्फ गाय खरीद लेना ही काफी नहीं है. जरा सी लापरवाही, खासकर चारे को लेकर, आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है. कई बार हरा चारा फायदेमंद होने के बजाय गाय को बीमार कर देता है और दूध की जगह नुकसान देने लगता है.
आज के समय में गौपालन एक अच्छा बिजनेस बन चुका है, लेकिन बिना सही जानकारी और धैर्य के यह घाटे का सौदा भी बन सकता है. गायों की सेहत पर थोड़ा भी ध्यान न दिया जाए तो इलाज का खर्च बढ़ जाता है और मुनाफा खत्म हो जाता है.
अक्सर किसान सोचते हैं कि हरा चारा जितना ज्यादा देंगे, गाय उतनी स्वस्थ रहेगी. लेकिन अचानक चारा बदलना या गलत तरीके से हरा चारा खिलाना गोबर पतला होने, ठंड लगने और बीमारियों की बड़ी वजह बनता है.
पशु विशेषज्ञों के अनुसार, खेत से कटा हुआ नया हरा चारा उसी दिन गाय को नहीं देना चाहिए. उसे कम से कम एक दिन खुली हवा में सुखाकर देना बेहतर रहता है, ताकि नमी कम हो और पाचन पर असर न पड़े.
कई किसान खर्च बचाने के चक्कर में भूसा देना बंद कर देते हैं और सीधे हरे चारे पर आ जाते हैं. यह सबसे बड़ी गलती है. हरे चारे के साथ सूखा भूसा मिलाकर देना जरूरी है, तभी पाचन सही रहता है.
जब गाय को हरा चारा दिया जाए, तो उस समय पानी की मात्रा थोड़ी कम करनी चाहिए. ज्यादा पानी और ज्यादा हरा चारा मिलकर पेट की गड़बड़ी और दस्त की समस्या पैदा कर सकते हैं.
गौपालन अस्थायी काम नहीं है. जितना ज्यादा समय आप गायों को देंगे, उतना ही बेहतर फायदा मिलेगा. रोजाना गाय की चाल, गोबर, भूख और व्यवहार पर नजर रखना छोटे नुकसान को बड़े घाटे बनने से रोकता है.