Tip Of The Day: पशुओं पर गर्मी का कहर! ये 5 संकेत दिखें तो समझ लें खतरे में है आपका पशु, करें ये उपाय
Dairy Farming Tips: गर्मी का मौसम आते ही खतरा सिर्फ इंसानों पर नहीं, बल्कि पशुओं पर भी मंडराने लगता है. तेज धूप, लू और बढ़ता तापमान दुधारू पशुओं की सेहत को तेजी से बिगाड़ सकता है. कई बार किसान शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका सीधा असर दूध उत्पादन और कमाई पर पड़ता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए, तो हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि पशुपालक इन संकेतों को समझें और समय पर सही कदम उठाकर अपने पशुओं को सुरक्षित रखें.
गर्मी का मौसम सिर्फ इंसानों ही नहीं, बल्कि पशुओं के लिए भी खतरनाक साबित होता है. लगातार बढ़ते तापमान और लू के कारण पशुओं में हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं, जिससे उनकी सेहत और उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं.
अगर पशु तेज-तेज सांस ले रहा है, मुंह से लार गिर रही है, सुस्त दिख रहा है या बेचैन हो रहा है, तो ये हीट स्ट्रेस के संकेत हैं. इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थिति गंभीर हो सकती है और जान का खतरा भी बढ़ सकता है.
गर्मी के दौरान पशु अक्सर चारा कम कर देते हैं या पूरी तरह खाना छोड़ देते हैं. यह उनके शरीर पर पड़ रहे गर्मी के असर को दर्शाता है. ऐसे में तुरंत उनकी देखभाल और खानपान पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है.
इस मौसम में पशुओं में हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और ब्लोट (पेट फूलना) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. हीट स्ट्रोक की स्थिति में पशु को तेज बुखार, हांफना और आंखों का लाल होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जो गंभीर स्थिति का संकेत हैं.
अगर पशु में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं. उसके शरीर पर ठंडा पानी डालें, पर्याप्त साफ पानी पिलाएं और बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि समय पर इलाज मिल सके.
गर्मी में पशुओं को हमेशा छांव में रखें, शेड में हवा का अच्छा इंतजाम करें और दिनभर ठंडा व साफ पानी उपलब्ध कराएं. उन्हें हल्का और सुपाच्य आहार दें. साथ ही मृत पशुओं का सही निस्तारण करें, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके और बाकी पशु सुरक्षित रहें.