एक पौधा… दो सब्जियां! अब एक साथ उगेंगे आलू और टमाटर, जानें कैसे

Gardening Tips: टमाटर और आलू ये दो सब्जियां हर भारतीय रसोई का हिस्सा हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही पौधे में दोनों को एक साथ उगाया जा सकता है? हाल ही में एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक ही पौधे से टमाटर भी लग रहे हैं और उसी पौधे की जड़ों में आलू भी उग रहे हैं. सुनने में भले ही यह चमत्कार जैसा लगे, लेकिन यह पूरी तरह वैज्ञानिक तकनीक से संभव है.

नोएडा | Published: 23 Jul, 2025 | 04:39 PM
1 / 6आलू और टमाटर को एक साथ एक ही पौधे में उगाने के लिए ग्राफ्टिंग नामक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है.

आलू और टमाटर को एक साथ एक ही पौधे में उगाने के लिए ग्राफ्टिंग नामक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है.

2 / 6इस पौधे में ऊपर की ओर टमाटर के फल लगते हैं और नीचे ज़मीन के अंदर आलू. यानी एक ही पौधा दो तरह की सब्जियां देने में सक्षम होता है.

इस पौधे में ऊपर की ओर टमाटर के फल लगते हैं और नीचे ज़मीन के अंदर आलू. यानी एक ही पौधा दो तरह की सब्जियां देने में सक्षम होता है.

3 / 6टमाटर और आलू के मेल से बने इस पौधे को 'Pomato' कहा जाता है. यह नाम ‘Potato’ और ‘Tomato’ से मिलकर बना है, जो इसकी अनोखी प्रकृति को दर्शाता है.

टमाटर और आलू के मेल से बने इस पौधे को 'Pomato' कहा जाता है. यह नाम ‘Potato’ और ‘Tomato’ से मिलकर बना है, जो इसकी अनोखी प्रकृति को दर्शाता है.

4 / 6यह तकनीक किसानों को एक ही जगह से दो फसलें लेने का मौका देती है, जिससे मेहनत कम होती है और मुनाफा ज्यादा होता है. खासकर कम जमीन वाले किसानों के लिए यह वरदान जैसी है.

यह तकनीक किसानों को एक ही जगह से दो फसलें लेने का मौका देती है, जिससे मेहनत कम होती है और मुनाफा ज्यादा होता है. खासकर कम जमीन वाले किसानों के लिए यह वरदान जैसी है.

5 / 6यह तरीका छोटे बगीचों, गमलों या छतों पर बागवानी करने वालों के लिए भी बहुत उपयोगी है क्योंकि इसमें जगह की बचत होती है और उत्पादकता बढ़ती है.

यह तरीका छोटे बगीचों, गमलों या छतों पर बागवानी करने वालों के लिए भी बहुत उपयोगी है क्योंकि इसमें जगह की बचत होती है और उत्पादकता बढ़ती है.

6 / 6ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार यह पौधा न सिर्फ देखने में दिलचस्प है, बल्कि इसके रखरखाव में भी ज्यादा मेहनत नहीं लगती, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है.

ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार यह पौधा न सिर्फ देखने में दिलचस्प है, बल्कि इसके रखरखाव में भी ज्यादा मेहनत नहीं लगती, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है.