Gardening Tips: गुड़हल में नहीं आ रहे फूल? अपनाएं ये 6 आसान ट्रिक्स, फूलों से लदा रहेगा पौधा!
Hibiscus Gardening Tips: रंग-बिरंगे बड़े फूल, हर मौसम में हरियाली और पूजा से लेकर सजावट तक खास पहचान… गुड़हल का पौधा हर घर की पहली पसंद होता है. लेकिन कई बार पूरी मेहनत के बावजूद पौधे में फूल नहीं आते या वह धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है. असल में गुड़हल दिखने में भले ही मजबूत लगे, लेकिन इसकी सही ग्रोथ के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. सही गमला, पोषक मिट्टी, संतुलित पानी, भरपूर धूप और समय-समय पर देखभाल अगर सही तरीके से की जाए, तो यही गुड़हल आपको ढेर सारे बड़े और चमकदार फूलों से भर देता है.
गुड़हल की जड़ें तेजी से फैलती हैं और उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए. अगर गमला छोटा होगा, तो जड़ें ठीक से नहीं फैल पाएंगी और पौधा कमजोर हो जाएगा. इसलिए हमेशा कम से कम 12-14 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें, जिससे पौधा मजबूत बने और फूल ज्यादा आएं.
गुड़हल को साधारण मिट्टी से ज्यादा पोषक और हल्की मिट्टी पसंद होती है. इसके लिए बगीचे की मिट्टी, वर्मी कंपोस्ट और बालू को बराबर मात्रा में मिलाएं. वर्मी कंपोस्ट पौधे को जरूरी पोषण देता है, जबकि बालू मिट्टी को हल्का बनाकर पानी की निकासी बेहतर करता है.
गुड़हल को नमी पसंद है, लेकिन पानी का ठहराव इसकी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. गर्मियों में रोजाना पानी देना जरूरी होता है, जबकि सर्दियों में हफ्ते में 2-3 बार पानी काफी होता है. ध्यान रखें कि मिट्टी हमेशा हल्की नम रहे, लेकिन गीली न हो.
गुड़हल को अच्छे फूलों के लिए नियमित पोषण चाहिए. हर 15 दिन में गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट या लिक्विड जैविक खाद डालें. इससे न सिर्फ फूलों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि फूल बड़े और ज्यादा चमकदार भी होंगे.
गुड़हल को रोजाना कम से कम 4-6 घंटे सीधी धूप चाहिए. अगर पौधे को पर्याप्त धूप नहीं मिलेगी, तो उसमें फूल बहुत कम आएंगे. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहाँ सुबह या दोपहर की धूप सीधे मिल सके.
पौधे से सूखे पत्ते, मुरझाए फूल और कमजोर टहनियां समय-समय पर हटाते रहें. इससे पौधे की ऊर्जा नई कलियों और शाखाओं में लगती है. हल्की-फुल्की छंटाई करने से पौधा घना बनता है और ज्यादा फूल देता है.