Tip Of The Day: गर्मी में भी बंपर होगा पशुओं का दूध उत्पादन! पशुपालक बस इस्तेमाल करें ये खास पत्तियां

Dairy Farming Tips: गर्मी का मौसम आते ही दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन दोनों पर असर पड़ने लगता है. ऐसे में पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है पशुओं को सही पोषण कैसे दिया जाए? इसी बीच एक देसी और सस्ता उपाय तेजी से चर्चा में है, जिसे किसान सुपरफूड मान रहे हैं. जी हां, कचनार की पत्तियां न सिर्फ पशुओं को अंदर से मजबूत बनाती हैं, बल्कि दूध बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रही हैं. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम बताते हैं कि, अगर किसान भी कम लागत में ज्यादा मुनाफा चाहते हैं, तो यह पत्ते गेमचेंजर साबित हो सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 26 Mar, 2026 | 10:31 PM
1 / 6गर्मी के मौसम में जब दुधारू पशुओं की सेहत कमजोर होने लगती है, तब कचनार की पत्तियां एक नेचुरल सुपरफूड की तरह काम करती हैं. ये न केवल पशुओं को जरूरी पोषण देती हैं, बल्कि उन्हें अंदर से मजबूत बनाकर गर्मी के असर से भी बचाती हैं.

गर्मी के मौसम में जब दुधारू पशुओं की सेहत कमजोर होने लगती है, तब कचनार की पत्तियां एक नेचुरल सुपरफूड की तरह काम करती हैं. ये न केवल पशुओं को जरूरी पोषण देती हैं, बल्कि उन्हें अंदर से मजबूत बनाकर गर्मी के असर से भी बचाती हैं.

2 / 6पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, कचनार की पत्तियों में भरपूर प्राकृतिक फाइबर और पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पशुओं की पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं. खासकर गर्मी में सूखा चारा खाने से होने वाली गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में ये बेहद कारगर होती हैं.

पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, कचनार की पत्तियों में भरपूर प्राकृतिक फाइबर और पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पशुओं की पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं. खासकर गर्मी में सूखा चारा खाने से होने वाली गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में ये बेहद कारगर होती हैं.

3 / 6अगर कचनार की पत्तियों को संतुलित मात्रा में रोजाना चारे के साथ मिलाकर खिलाया जाए, तो पशु ज्यादा सक्रिय रहते हैं और उनका दूध उत्पादन भी बढ़ता है. कई किसानों का अनुभव है कि इससे दूध की क्वालिटी में भी सुधार आता है.

अगर कचनार की पत्तियों को संतुलित मात्रा में रोजाना चारे के साथ मिलाकर खिलाया जाए, तो पशु ज्यादा सक्रिय रहते हैं और उनका दूध उत्पादन भी बढ़ता है. कई किसानों का अनुभव है कि इससे दूध की क्वालिटी में भी सुधार आता है.

4 / 6इन पत्तियों में हल्के औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं. इससे पशु कम बीमार पड़ते हैं और उनका समग्र स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है.

इन पत्तियों में हल्के औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं. इससे पशु कम बीमार पड़ते हैं और उनका समग्र स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है.

5 / 6गर्मी के दिनों में जब हरा चारा मिलना मुश्किल हो जाता है, तब कचनार की पत्तियां किसानों के लिए एक बड़ा सहारा बनती हैं. किसान इसकी टहनियों और पत्तियों को सुखाकर स्टोर कर लेते हैं, जिससे यह एक तरह का “फॉडर बैंक” बन जाता है और जरूरत पड़ने पर काम आता है.

गर्मी के दिनों में जब हरा चारा मिलना मुश्किल हो जाता है, तब कचनार की पत्तियां किसानों के लिए एक बड़ा सहारा बनती हैं. किसान इसकी टहनियों और पत्तियों को सुखाकर स्टोर कर लेते हैं, जिससे यह एक तरह का “फॉडर बैंक” बन जाता है और जरूरत पड़ने पर काम आता है.

6 / 6कचनार की पत्तियां सिर्फ गाय-भैंस के लिए ही नहीं, बल्कि बकरी और भेड़ों के लिए भी बेहद उपयोगी होती हैं. ये सभी पशु इसे आसानी से खा लेते हैं, खासकर जब पत्तियों को हल्का सुखाकर दिया जाए, जिससे यह और अधिक सुपाच्य बन जाती हैं.

कचनार की पत्तियां सिर्फ गाय-भैंस के लिए ही नहीं, बल्कि बकरी और भेड़ों के लिए भी बेहद उपयोगी होती हैं. ये सभी पशु इसे आसानी से खा लेते हैं, खासकर जब पत्तियों को हल्का सुखाकर दिया जाए, जिससे यह और अधिक सुपाच्य बन जाती हैं.

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Published: 26 Mar, 2026 | 10:31 PM
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