6 महीने में 50 हजार रुपये का मुनाफा, किसानों के लिए ‘ATM’ बन रही इस फूल की खेती!

Kashmiri Gulab Ki Kheti: आज के समय में किसान सिर्फ परंपरागत फसलों पर निर्भर नहीं हैं. बढ़ती लागत, घटता मुनाफा और अनिश्चित मौसम ने उन्हें नई और लाभदायक खेती की और रुख करने को मजबूर कर दिया है. ऐसे में फूलों की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन विक्लप बन कर सामने आई है. खासकर कश्मीरी गुलाब, छोटे से खेत में भी रोज आमदनी और बंपर मुनाफा देने वाला ऑप्शन बनकर सामने आया है. यह न केवल खर्च निकालने में मदद करता है, बल्कि किसानों को नवीनता और आत्मनिर्भरता का अनुभव भी देता है.

नोएडा | Updated On: 21 Jan, 2026 | 07:32 PM
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आज के किसान गेहूं, चना, प्याज और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहते. लगातार बढ़ती लागत और घटता मुनाफा उन्हें परेशान कर रहा है. ऐसे में फूलों की खेती कम मेहनत और रोजाना आमदनी का एक शानदार विकल्प बनती जा रही है.

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कश्मीरी गुलाब की वैरायटी कम जगह में भी अच्छा लाभ देने वाली फसल है. कुछ डिसमिल जमीन पर ही पौधे लगाने से हर दिन पर्याप्त फूल और नगद आमदनी प्राप्त हो सकती है, जो पारंपरिक फसलों में पूरे एकड़ में भी मुश्किल होती है.

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इस फसल के लिए शुरुआती निवेश ज्यादा नहीं होता. पौधों की लागत मामूली है और 6 महीने में ही फूलों की कटाई शुरू हो सकती है. एत पौधा रोज लगभग 7-8 फूल देता है. ऐसे में अगर आप 500 पौधे लगाते हैं तो रोज 2500 से 3000 फूल मिल सकते हैं जिससे रोज 800 से 1200 रुपये तक की सीधी नकद कमाई हो सकती है.

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कश्मीरी गुलाब पूरी तरह नगदी फसल है. अगर आप 500 पौधों के साथ शुरुआत करते हैं तो 6 महीने में लगभग 50 हजार रुपये से ज्यादा का मुनाफा बना सकते हैं. सुबह फूल तोड़कर मंडी या स्थानीय बाजार में बेचने से पैसा उसी दिन हाथ में आता है. इससे रोजमर्रा के खर्च, मजदूरी और खेती की लागत आसानी से निकल सकती है.

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परंपरागत फसलों की जगह नई फसल और नई तकनीक अपनाने से कम जमीन में अधिक लाभ कमाया जा सकता है. यह किसानों को घाटा कम करने और मुनाफा बढ़ाने का आसान तरीका प्रदान करता है.

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कश्मीरी गुलाब की खेती अन्य किसानों के लिए नवीनता और प्रेरणा का सोर्स बन सकती है. इससे किसानों को रोज आय के साथ-साथ फूलों की स्थानीय और बाहरी मांग का लाभ मिलता है. नई सोच और साहसिक निर्णय से हर किसान अपनी किस्मत बदल सकता है.

Published: 22 Jan, 2026 | 06:00 AM

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