रासायनिक खाद का चक्कर छोड़ें! देसी गाय का गोबर बदलेगा आपकी मिट्टी की किस्मत, पैदावार होगी दोगुनी

Organic Fertilizer: रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर बढ़ती निर्भरता ने खेती को महंगा ही नहीं, बल्कि मिट्टी को भी बीमार बना दिया है. इस वजह से खेत की ताकत धीरे-धीरे खत्म हो रही है और पैदावार का भरोसा भी टूटने लगा है. ऐसे में किसानों के सामने सवाल है कि, क्या कम लागत में, बिना जमीन खराब किए, अच्छी फसल लेना संभव है? इसका जवाब छुपा है हमारी देसी गाय और गौ-आधारित खेती में, जो मिट्टी को नई जान देती है और किसान की जेब पर बोझ भी नहीं डालती.

नोएडा | Updated On: 19 Jan, 2026 | 06:54 PM
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लगातार रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से मिट्टी का पीएच असंतुलित हो जाता है. इससे मिट्टी के लिए फायदेमंद माने जाने वाले सूक्ष्म जीव और मित्र कीट नष्ट हो रहे हैं, जिसका सीधा असर फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता पर पड़ता है.

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देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से बनी जैविक खाद मिट्टी को फिर से जिंदा करती है. यह नेचुरल तरीके से मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है और खेत को लंबे समय तक उपजाऊ बनाए रखती है.

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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, एक देसी गाय से तैयार जैविक संसाधनों की मदद से लगभग 30 एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक खेती की जा सकती है, जिससे छोटे किसानों को भी बड़ा फायदा मिल सकता है.

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देसी गाय के गोबर से बने रासायनिक खाद का असरदार और कम लागत वाला विकल्प माना जाता है. इसमें पाए जाने वाले करोड़ों सूक्ष्म जीव मिट्टी को पोषण देकर पौधों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं.

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इस जैविक खाद के नियमित उपयोग से किसानों को महंगे उर्वरक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे खेती की लागत कम हो जाती है और पैदावार की गुणवत्ता व स्वाद दोनों बेहतर होते हैं.

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गोबर से बने इस रासायनिक खाद को 6 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है. खेत या पेड़ों के पास डालते ही सिंचाई के बाद इसके सूक्ष्म जीव सक्रिय होकर तेजी से मिट्टी में मिल जाते हैं और फसल की वृद्धि को गति देते हैं.

Published: 19 Jan, 2026 | 08:22 PM

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