Today’s Insights: इस समय भूलकर भी खेतों में न करें स्प्रे! मेहनत और पैसा दोनों हों जाएंगे बर्बाद
Tips For Farmers: क्या आप भी सुबह-सुबह खेत में दवा का स्प्रे कर देते हैं? अगर हां, तो हो सकता है आपकी मेहनत और पैसा दोनों बेकार जा रहे हों. ज्यादातर किसान सोचते हैं कि सुबह का समय सबसे सही होता है, लेकिन असल में यही सबसे बड़ी गलती बन जाती है. सही समय पर किया गया स्प्रे ही फसल को कीट-रोगों से बचाता है और गलत समय पूरी मेहनत पर पानी फेर देता है. ऐसे में आइए इस खबर में आगे जानते हैं, सुबह स्प्रे करना सही है या गलत और इससे कैसे बचा जाए.
सुबह के समय फसल की पत्तियों पर ओस जमी होती है. जब इस पर कीटनाशक या फफूंदनाशक का स्प्रे किया जाता है, तो दवा पानी में घुलकर नीचे बह जाती है. इससे दवा पत्तियों पर टिक नहीं पाती और असर आधा रह जाता है.
सुबह स्प्रे करने के कुछ देर बाद ही धूप तेज हो जाती है. कई दवाइयां गर्मी और धूप के संपर्क में आते ही वाष्प बनकर उड़ जाती हैं, जिससे कीटों पर उनका प्रभाव कम हो जाता है.
अधिकतर कीट सुबह के समय पत्तियों के नीचे या मिट्टी में छिपे रहते हैं. ऐसे में ऊपर से किया गया स्प्रे सीधे कीटों तक नहीं पहुंच पाता और नियंत्रण ठीक से नहीं हो पाता.
अगर पत्तियों पर नमी हो और उस समय तेज दवा का छिड़काव किया जाए, तो पत्तियों पर जलन या झुलसन की समस्या आ सकती है. इससे पौधे की बढ़वार रुक जाती है.
शाम को हवा कम चलती है, नमी संतुलित रहती है और धूप भी तेज नहीं होती. इस समय किया गया स्प्रे पत्तियों पर अच्छी तरह चिपकता है और दवा का पूरा असर मिलता है.
सुबह गलत समय पर स्प्रे करने से दवा का पूरा फायदा नहीं मिल पाता, जिससे किसान को दोबारा छिड़काव करना पड़ता है. इससे दवा, समय और मेहनत तीनों का नुकसान होता है.