पीएम किसान सम्मान निधि: 69.25 लाख से अधिक किसानों के खाते में भेजे 23 हजार करोड़ रुपए
PM Kisan Samman Nidhi: गुजरात सरकार ने कहा है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना से राज्य के किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है. किसानों को खाद-बीज खरीदने के लिए कर्ज लेने से मुक्ति मिली है. जबकि, कई नियमों में बदलाव से बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो चुकी है.
गुजरात में किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा गया है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शुरुआत से अब तक कुल 22 किश्तों में राज्य के 69.25 लाख से अधिक किसान परिवारों को 23,083 करोड़ रुपए से अधिक रकम सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराई गई है. राज्य के कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि योजना ने धरतीपुत्रों को आर्थिक सुरक्षा कवच दिया है. इस सहायता से छोटे और सीमांत किसानों को खेती में जरूरी बीज, उर्वरक जैसे इनपुट के लिए आर्थिक मदद मिलती है.
11 करोड़ किसानों के खाते में भेज 4.27 लाख करोड़ रुपये
पीएम किसान सम्मान निधि योजना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच सिद्ध हो रही है. राष्ट्रीय स्तर पर भी इस योजना का विस्तार अभूतपूर्व रहा है, जिसके अंतर्गत देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों को कुल 4.27 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक की सहायता का भुगतान कर देश के अन्नदाता को आर्थिक रूप से सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाया गया है.
गुजरात सरकार के कृषि विभाग के अनुसार पीएम किसान योजना की पहली किश्त के समय राज्य के 28.65 लाख से अधिक किसानों को 572.21 करोड़ रुपए के भुगतान के साथ हुई थी, जो आज 22 किश्तें पूर्ण होने तक 69.25 लाख लाभार्थी परिवारों तक पहुंच चुकी है. हाल ही में 22वीं किश्त में गुजरात के 50.54 लाख से अधिक किसान परिवारों को 1,010 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि सीधे उनके खातों में जमा की गई है.
खाद-बीज खरीद के लिए कर्ज से मुक्त हुए किसान – कृषि मंत्री
गुजरात के कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने बयान में कहा कि पीएम किसान योजना पर कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना ने धरतीपुत्रों को आर्थिक सुरक्षा कवच दिया है. इस सहायता के कारण छोटे और सीमांत किसानों को खेती में आवश्यक बीज, उर्वरक जैसे इनपुट के लिए आर्थिक मदद प्राप्त होती है.
उन्होंने कहा कि खरीफ या रबी फसल की बुवाई के समय किसानों को बीज, उर्वरक तथा कीटनाशक दवाएं खरीदने के लिए बड़ी वित्तीय कठिनाई का सामना करना पड़ता था, जिसके कारण पूर्व में किसान ब्याजखोरों के चक्रव्यूह में फंस जाते थे, परंतु पीएम किसान योजना अंतर्गत हर चार महीने के अंतराल पर दी जाने वाली 2,000 रुपए की किश्त किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच बनी है.
लाभार्थी किसान बोले- मूंगफली-कपास की बुवाई में तेजी आई
गांधीनगर जिले के दशेला गांव के किसान गोविंदभाई पटेल ने कहा कि सरकार की ओर से वर्ष में जो तीन किश्तें सीधे बैंक खाते में मिलती हैं, उससे हमें खेती के लिए खाद, बीज तथा कीटनाशक जैसी वस्तुएं लेने में समय पर मदद मिल जाती है, इस राशि के कारण हम मूंगफली और कपास जैसी फसलों की बुवाई निश्चिंत होकर कर पाते हैं.
किसान रमेशभाई पटेल ने कहा कि मजदूरी, डीजल और मैंटेनेंस जैसे छोटे खर्चों से निपटने में ऐसी सरकारी योजनाएं ही किसान को खेत में अडिग बने रहने के लिए मजबूत आधार प्रदान करती हैं.
इस वित्तीय समर्थन से गुजरात के छोटे एवं मध्यम वर्ग के किसान समय पर उत्तम गुणवत्ता का बीज ला सके हैं, जिसके कारण भूमि की उत्पादकता तथा फसल के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार दर्ज हुआ है.
पीएम किसान योजना में कई बदलाव हुए
पीएम किसान योजना की शुरुआत में रखी गई 2 हेक्टेयर तक की भूमि सीमा को प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद समाप्त कर दिए जाने से अब राज्य के सभी भूमिधारक किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है. इसके अलावा 12वीं किश्त से भूमि के डिजिटल रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया, अर्थात ‘लैंड सीडिंग,’ अनिवार्य की गई. इसके बाद 13वीं किश्त से बैंक खाते के साथ ‘आधार सीडिंग’ और डीबीटी प्रक्रिया अनिवार्य की गई, जबकि 15वीं किश्त से ‘ई-केवाईसी ‘ अनिवार्य किया गया है. इस थ्री लेयर सुरक्षा के चलते बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई और योजना का लाभ केवल और केवल किसानों को ही मिल रहा है.