युवा इंजीनियर ने बनाई ‘प्लांट डॉक्टर’ डिवाइस, फसलों की 56 तरह की बीमारियां पकड़ने में सक्षम
Plant Doctor Device to control Crops Disease: 'प्लांट डॉक्टर' एक पोर्टेबल स्टैंडअलोन एआई डिवाइस है, जो बिना इंटरनेट के खेतों में काम करने और 10 प्रमुख फसलों की 56 प्रकार की बीमारियों की पहचान करने में सक्षम है. यह डिवाइस फोटो क्लिक करके पौधे की बीमारी बता देती है साथ ही उसे ठीक करने का उपाय भी बताती है.
किसानों को अकसर फसलों में बीमारियां और कीट लगने की समस्या झेलनी पड़ती है. कई बार समय पर बीमारी की पहचान नहीं हो पाने के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है. ऐसे में फसलों में 56 तरह की बीमारियों की सटीक पहचान करने और किसानों को छुटकारा पाने का उपाय बताने वाली डिवाइस प्लांट डॉक्टर आ गई है. कृषि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र आर्यन चंद्रा ने इस डिवाइस को विकसित किया है और कृषि अधिकारी इसे कीटों की बीमारियां और इलाज के नजरिए इसे बड़ी खोज और इनोवेशन बता रहे हैं.
जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय के छात्र ने बनाया ‘प्लांट डॉक्टर’
हमारे कुछ किसान फसल रोगों की सही पहचान और समय पर उपचार के अभाव में हर वर्ष भारी आर्थिक नुकसान उठाते हैं. विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है. कई बार बीमारी की गलत पहचान होने से किसान गलत दवाइयों का छिड़काव कर देते हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ जाती है और फसल को दोहरा नुकसान होता है. इसी समस्या का समाधान खोजने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के एमटेक के छात्र आर्यन चंद्रा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एम्बेडेड सिस्टम आधारित एक स्मार्ट डिवाइस विकसित की है.
बिना इंटरनेट के 56 तरह की बीमारियां पकड़ने में सक्षम
लगभग 10 महीने की मेहनत और शोध के बाद तैयार इस डिवाइस का नाम “प्लांट डॉक्टर” रखा गया है. प्लांट डॉक्टर एक पोर्टेबल स्टैंडअलोन एआई डिवाइस है, जो बिना इंटरनेट के खेतों में काम कर सकती है. यह डिवाइस 10 प्रमुख फसलों की 56 प्रकार की बीमारियों की पहचान करने में सक्षम है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे उपयोग करने के लिए किसी तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती.
पौधे की फोटो क्लिक करते ही पता चलेगी बीमारी
डिवाइस का उपयोग बेहद आसान है. किसान सबसे पहले टारगेट फसल का चयन करता है. इसके बाद कैमरे से प्रभावित पत्तियों या फसल की फोटो क्लिक की जाती है. कुछ ही सेकंड में डिवाइस एआई आधारित डायग्नोस्टिक रिपोर्ट तैयार कर देती है. रिपोर्ट में बीमारी की पहचान के साथ उपचार और दवाई संबंधी सुझाव भी दिए जाते हैं.
8500 रुपये में तैयार की गई बिना इंटरनेट के चलने वाली डिवाइस
ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में अक्सर इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी रहती है. इसे ध्यान में रखते हुए प्लांट डॉक्टर को पूरी तरह ऑफलाइन मोड पर डिजाइन किया गया है. यानी यह डिवाइस बिना इंटरनेट के भी पूरी क्षमता के साथ कार्य करती है. प्लांट डॉक्टर की कुल लागत लगभग 8500 रुपये है, जिससे इसे ब्लॉक स्तर या सामुदायिक स्तर पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है.
प्लांट डॉक्टर डिवाइस तस्वीरों को डाइग्नोज करने के बाद टीवी स्क्रीन पर नतीजे दिखाती है.
88 से 99 फीसदी सटीक नतीजे देने में सक्षम
कम लागत में तेज और सटीक फसल रोग पहचान सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है. एआई आधारित यह डिवाइस अलग-अलग फसलों में 88 प्रतिशत से लेकर 99 प्रतिशत तक एक्यूरेसी प्रदान करती है. अधिकतम 99 प्रतिशत तक की सटीकता इसे किसानों के लिए बेहद उपयोगी बनाती है.
किसान का पैसा बचाने के साथ गलत दवा छिड़काव से बचाती है डिवाइस
मध्य प्रदेश कृषि विभाग के एक्सपर्ट वैज्ञानिकों ने कहा कि ‘प्लांट डॉक्टर’ जैसे नवाचार भारतीय कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रभावी उदाहरण हैं. यह डिवाइस न केवल किसानों का समय और पैसा बचा सकती है, बल्कि गलत दवा उपयोग को कम कर उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकती है. ग्रामीण भारत में एआई आधारित ऐसी तकनीकें भविष्य की स्मार्ट खेती की दिशा तय कर रही हैं, जहां किसान अपने खेत में ही तुरंत फसल रोग की पहचान कर समाधान प्राप्त कर सकेगा.