डिजिटल क्रांति से मजबूत होगा बिहार का किसान, बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा बदलेंगे खेती की सूरत
Bihar Krashi App: कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार कृषि ऐप की शुरूआत 19 मई, 2025 को हुई थी, जिसके बाद ऐप पर वर्तमान में लगभग 11.50 लाख किसान पंजीकृत हैं और इस साल के अंत तक लगभग 80 लाख किसानों को पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा है.
बिहार के कृषि मंत्री ने किसानों को एक मंच पर सभी योजनाओं का लाभ देने के लिए शुरू की गई ‘बिहार कृषि ऐप’ की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति से बिहार का किसान मजबूत होगा. किसानों के लिए अब स्थानीय भाषाओं में सुविधाएं उपलब्ध होंगी. युवाओं को कृषि संबंधी ट्रेनिंग देकर ‘‘बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा’’ के रूप में पहचान दिलायी जायेगी, जो अन्य किसानों को ऐप के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे. डिजिटल मंच ‘‘बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा’’ खेती की सूरत बदलने का काम करेंगे.
कृषि मंत्री विजय सिन्हा की अध्यक्षता में कृषि भवन पटना में ‘बिहार कृषि ऐप’ की समीक्षा बैठक में किसानों के बीच ऐप के प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और किसान सहभागिता को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निदेशित किया कि ग्रामीण स्तर पर कृषि डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर युवा किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जायें.
बिहार की भाषाओं में मिलेगी जानकारी
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को ‘‘बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा’’ के रूप में पहचान दिलायी जायेगी, जो अन्य किसानों को ऐप के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे. उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिहारी डिजिटल कृषि योद्धाओं को विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा. किसानों की सुविधा के लिए ऐप को अब हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ मगही, भोजपुरी, अंगीका और बज्जिका भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा.
शीर्ष जिले और प्रखंड सम्मानित होंगे
उन्होंने कहा कि बिहार कृषि ऐप पर सर्वाधिक किसान पंजीकरण सुनिश्चित करने वाले शीर्ष 5 जिलों, 5 प्रखंडों और 5 पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा. साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागीय कर्मियों को भी पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है. किसानों के बीच इस ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य के सभी कृषि कार्यालयों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाए जाएंगे. बामेती के माध्यम से आयोजित होने वाले सभी प्रशिक्षण सत्रों में किसानों को ऐप की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी.
गरमा फसल की जगह ग्रीष्मकालीन फसल कहा जाएगा
उन्होंने कहा कि ऐप में अब गरमा फसल के स्थान पर ग्रीष्मकालीन फसल शब्दावली का उपयोग किया जाएगा. उसी तरह, इसमें वासंतिक (रबी फसल) एवं शारदीय फसलों (खरीफ फसल) से संबंधित जानकारी भी शामिल की जाएगी.
80 लाख किसानों को रजिस्टर करने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि बिहार कृषि ऐप की शुरूआत 19 मई, 2025 को हुई थी, जिसके बाद ऐप पर वर्तमान में लगभग 11.50 लाख किसान पंजीकृत हैं और इस साल के अंत तक लगभग 80 लाख किसानों को पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा है.
बिहार कृषि ऐप से किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
- नजदीकी दुकानों में उर्वरक की उपलब्धता की रियल-टाइम जानकारी.
- सरकारी योजनाओं के लिए एकल विंडो इंटरफेस और किसान पासबुक.
- बाजार मूल्य, मौसम चेतावनी और पौधा संरक्षण सलाह.
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पीएम एआई-आधारित चौटबोट.
- बिहार कृषि रेडियो सुनने की विशेष सुविधा.