अब किसानों को नहीं करनी पड़ेगी मशक्कत, ड्रोन तकनीक से मिनटों में होगा पूरे खेत का कीटनाशक छिड़काव

खेती में अब ड्रोन तकनीक किसानों के लिए बड़ी मदद बन रही है. किसान बिना खेत में उतरे कुछ ही मिनटों में फसलों पर दवा का छिड़काव कर सकते हैं. इससे समय, मेहनत और लागत की बचत होगी. ड्रोन की मदद से दवा सही मात्रा में पूरे खेत तक पहुंचती है, जिससे फसल को बेहतर सुरक्षा मिलती है.

नोएडा | Updated On: 12 Jul, 2026 | 08:20 PM

Agriculture Drone: खेती में अब तेजी से नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है. पहले किसान खेतों में घंटों मेहनत करके दवा का छिड़काव करते थे, लेकिन अब ड्रोन तकनीक ने इस काम को बहुत आसान बना दिया है. किसान बिना खेत में उतरे फसलों पर दवा का छिड़काव कर सकते हैं. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है. आज के समय में किसान धान, गेहूं, गन्ना, मक्का, सरसों और सब्जियों जैसी कई फसलों की खेती करते हैं. फसल को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर दवा डालना जरूरी होता है. ऐसे में ड्रोन तकनीक किसानों के लिए बड़ी मदद बनकर सामने आ रही है.

ड्रोन से कैसे होता है दवा का छिड़काव?

कृषि ड्रोन एक खास तरह का उड़ने वाला उपकरण होता है, जिसे खेती के काम के लिए तैयार किया गया है. इसमें कैमरा, सेंसर, जीपीएस और दवा रखने के लिए टैंक लगाया जाता है. ड्रोन खेतों के ऊपर उड़कर तय मात्रा में दवा का छिड़काव करता है. इसे रिमोट और खास सॉफ्टवेयर की मदद से कंट्रोल किया जाता है. जीपीएस तकनीक के जरिए यह तय किया जाता है कि खेत के किस हिस्से में कितनी दवा डालनी है. इससे दवा का सही इस्तेमाल होता है और फसल को नुकसान भी नहीं पहुंचता. ड्रोन की मदद से कीटनाशक, फफूंदनाशक और उर्वरक का छिड़काव आसानी से किया जा सकता है. इससे किसान को खेत में बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ती.

7 मिनट में तैयार हो जाता है एक एकड़ खेत

पारंपरिक तरीके से खेतों में दवा डालने में कई घंटे लग जाते हैं. कई बार मजदूरों की कमी के कारण किसानों को परेशानी भी उठानी पड़ती है. लेकिन ड्रोन तकनीक इस समस्या का आसान समाधान बन रही है. ड्रोन स्प्रे मशीन में करीब 12 लीटर की टंकी होती है. इसमें पानी और कीटनाशक दवा मिलाई जाती है. इसके बाद ड्रोन बहुत तेजी से खेतों में उड़कर दवा का छिड़काव करता है. जानकारी के मुताबिक ड्रोन की मदद से सिर्फ 6 से 7 मिनट में एक एकड़ खेत में दवा का छिड़काव किया जा सकता है. इससे किसानों का काफी समय बचता है और मेहनत भी कम लगती है.

सरकार भी दे रही मदद

कृषि विभाग की ओर से किसानों को ड्रोन तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. किसानों को अनुदान पर ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर सकें. ड्रोन उड़ाने के लिए किसानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है. इससे वे आसानी से ड्रोन चलाना सीख सकते हैं. कई किसान अब ड्रोन सेवा देकर अच्छी कमाई भी कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में खेती में ड्रोन का इस्तेमाल और तेजी से बढ़ेगा. इससे खेती आसान होगी, लागत कम होगी और फसल की सुरक्षा भी बेहतर तरीके से हो सकेगी. नई तकनीक की मदद से किसान कम समय में ज्यादा काम कर पाएंगे और उनकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

Published: 12 Jul, 2026 | 11:30 PM

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