केंद्र के फैसले से खेती की दिशा-दशा बदलेंगे कृषि विज्ञान केंद्र, उपज और तकनीक का लाभ लेंगे किसान

Krishi Vigyan Kendra : कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार के वेतनमान बढ़ोत्तरी, नई नियुक्तिओं और इंक्यूबेशन सेंटर आदि के फैसले से केवीके की कार्यप्रणाली मजबूत होगी, जो कृषि क्षेत्र की दशा-दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाएगी. इसका किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उत्पादन बढ़ेगा.

नोएडा | Updated On: 12 Sep, 2026 | 08:15 PM

कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को मजबूती देने और सुधारों को लागू करने को मंजूरी दिए जाने से कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी के साथ फसल के नुकसान को बचाने में कामयाबी मिलने वाली है. क्योंकि, केवीके में आधुनिक उपकरणों के जरिए तकनीक के इस्तेमाल से कृषि विकास पर जोर दिया जाएगा. केंद्रीय कृषि मंत्री ने केवीके कर्मचारियों के वेतन बढ़ोत्तरी, नई भर्तियों, ट्रेनिंग सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने को मंजूरी दी है. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि केंद्र का यह फैसला कृषि उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) में व्यापक सुधार और विस्तार को मंजूरी दी है. इसके तहत कर्मचारियों के वेतनमान, भत्तों और पदोन्नति नियमों में व्यापक बदलाव को स्वीकृति दी गई है. आधिकारिक बयान के अनुसार कृषि संबंधी तकनीक, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक जानकारी किसानों तक पहुंचाने वाले केवीके कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में अंशदान और सेवानिवृत्ति लाभ का वित्तपोषण राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी.

सभी केवीके में इनक्यूबेशन और ट्रेनिंग सेंटर बनाने के निर्देश

कृषि मंत्रालय ने दिसंबर 2028 तक सभी केवीके में इनक्यूबेशन और कौशल केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत केवीके का कृषि आधारित उद्यमों, तकनीकी भागीदार संस्थानों और जिले की विशिष्ट कृषि संभावनाओं के साथ मैपिंग की जा रही है. राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी और समय पर सहयोग की जरूरत पर बल दिया. कई राज्यों ने अपने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से कार्य योजना लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

केवीके की मजबूती से किसान और खेत मजबूत होंगे

कृषि विज्ञान केंद्र गाजियाबाद के प्रभारी अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने किसान इंडिया को बताया कि केंद्र सरकार के यह निर्णय केवीके की कार्यप्रणाली को और मजबूत करेंगे, जो सीधे किसानों को लाभ देगी. उन्होंने केवीके की मजबूती, वेतन प्रणाली एवं पदोन्नती नियमों के सम्बन्ध में लिये गये नीतिगत निर्णयों को किसानों, युवाओं, महिलाओं, कृषि छात्रों के लिए क्रांतिकारी कदम बताया. आधुनिक तकनीक और मॉडर्न उपकरणों का खेती में इस्तेमाल बढ़ाने के साथ ही युवाओं की कृषि क्षेत्र में करियर बनाने की रुचि बढ़ेगी.

केवीके के जरिए खेती में तकनीक का इस्तेमाल और ट्रेनिंग को बढ़ावा मिल रहा.

तकनीकी पहुंच बढ़ने से ग्रामीण विकास को गति मिलेगी

डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि केवीके अब और अधिक सशक्त होकर कृषि तकनीनी हस्तान्तरण को प्रभावी तरीके से अंजाम देकर कृषि एवं ग्रामीण विकास को गति प्रदान करेंगे. इसके साथ ही विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूर्ण करने में सहायक साबित होंगे. वर्तमान प्रयासों से केवीके ज्ञान संसाधन केंद्र ही नहीं अपितु कौशल विकास संसाधन केन्द्र के रूप में भी कार्य करेंगे. उन्होंने कहा कि किसानों की ज्यादा उपज हासिल करने और लागत के साथ फसल की बीमारियों को और मजबूती से दूर किया जा सकेगा.

युवाओं और महिला उद्यमियों के लिए बुनियादी मौके बढ़ेंगे

युवा महिला उद्यमी एवं केवीके से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त प्रीती शर्मा ने बताया कि केवीके में कौशल केंद्र और इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित होने से युवाओं, महिलाओं एवं कृषि उद्यमियों को कृषि क्षेत्र में कारोबार की बुनियादी ट्रेनिंग हासिल हो सकेगी. इसके साथ शोध कार्यों को भी मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन, मल्टीलेयर फार्मिंग, वैल्यू एडीशन और स्मार्ट एग्रीकल्चर के जरिए युवा कृषि विकास में अपनी भागीदारी निभा पाएंगे और उद्यमिता विकास की प्रेरणा मिलेगी.

Published: 12 Sep, 2026 | 08:10 PM

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